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महिला आरक्षण बिल; लोकसभा में विपक्षी गठबंधन का दोहरा रवैया आया सामने : विश्व चक्षु

विपक्ष घिरा, भाजपा का सीधा हमला

धर्मशाला

लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 के पारित न हो पाने पर सियासी घमासान तेज हो गया है। हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए इस घटना को भारतीय लोकतंत्र का “काला अध्याय” करार दिया है।

विश्व चक्षु ने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर विधेयक का रुक जाना देश की ‘नारी शक्ति’ के साथ सीधा विश्वासघात है। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे महिला सशक्तिकरण की बात तो करते हैं, लेकिन व्यवहार में उनकी सोच महिला विरोधी ही नजर आती है।

विश्व चक्षु ने विशेष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी महिलाओं के अधिकारों की बड़ी-बड़ी बातें करती है, वही हिमाचल प्रदेश में उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने में विफल रही है। उनके अनुसार, यह दोहरा रवैया जनता के सामने उजागर हो चुका है।
चक्षु ने तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और समाजवादी पार्टी जैसे दलों पर भी आरोप लगाए कि इन पार्टियों ने मिलकर इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उनका कहना है कि इससे न केवल एक अहम कानून अटका, बल्कि करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को भी झटका लगा है।

विश्व चक्षु ने केंद्र सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम किया जा रहा है, लेकिन विपक्ष की राजनीति इस दिशा में रुकावट बन रही है।

एडवोकेट विश्व चक्षु ने कहा कि देश की महिलाएं इस मुद्दे को भूलेगी नहीं और आने वाले चुनावों खासकर लोकसभा चुनाव 2029 में इसका जवाब जरूर देंगी। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा महिलाओं के अधिकारों और आरक्षण की लड़ाई को आगे भी पूरी मजबूती से जारी रखेगी।

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