जिन्होंने अव्यवस्थित विकास की सजा दी, वही आज विकास पर उठा रहे सवाल: मल्ली
कहा, पहले भाजपा नेता दें अपने कार्यकाल का हिसाब
धर्मशाला।
भाजपा नेता धर्मशाला की जनता को गुमराह करने से पहले अपने कार्यकाल का हिसाब दें। जिन लोगों ने स्मार्ट सिटी के नाम पर धर्मशाला के लोगों को अधूरे प्रोजेक्ट, खोदी गई सड़कें, बदहाल यातायात व्यवस्था और अव्यवस्थित विकास की सजा दी, वही आज विकास पर सवाल उठा रहे हैं। यह कहना है कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता पुनीत मल्ली का।
कांग्रेस प्रवक्ता पुनीत मल्ली ने आज जारी एक बयान में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और अन्य भाजपा नेताओं द्वारा स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर कांग्रेस सरकार पर लगाए आरोपों पर कहा कि भाजपा सरकार के समय धर्मशाला स्मार्ट सिटी परियोजना को सुनियोजित विकास मॉडल बनाने के बजाय राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाया गया। करोड़ों रुपए की घोषणाएं हुईं, लेकिन धरातल पर शहर को जाम, पार्किंग संकट, धूल, टूटी सड़कें और अधूरी परियोजनाओं का सामना करना पड़ा। मल्ली ने कहा कि भाजपा नेताओं को यह बताना चाहिए कि उनके कार्यकाल में शुरू की गई कितनी परियोजनाएं तय समय पर पूरी हुईं।
धर्मशाला को संतुलित विकास का बनाया जाएगा मॉडल
मल्ली ने कहा कि सुक्खू सरकार ने बीते साढ़े तीन साल में धर्मशाला की अव्यवस्थित परियोजनाओं को व्यवस्थित करने, वित्तीय अनुशासन लाने और शहर की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का काम किया है। कांग्रेस सरकार चरणबद्ध तरीके से इन समस्याओं के समाधान की दिशा में काम कर रही है। अगले एक साल में धर्मशाला को संतुलित विकास का मॉडल बनाया जाएगा।
भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं बचा
कांग्रेस प्रवक्ता मल्ली ने कहा कि भाजपा के पास नगर निगम चुनावों में कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह अब स्मार्ट सिटी पर भ्रामक बयानबाजी कर रही है। आज जनता सवाल पूछ रही है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के बावजूद पूर्व भाजपा सरकार में शहर की मूलभूत समस्याएं क्यों जस की तस बनी रहीं।


