सुक्खू सरकार सीयू के 30 करोड़ रुपए दबाकर धर्मशाला से सौतेला व्यवहार: पवन काजल
कांग्रेस के घोषणा पत्र को बताया 'झूठ का पुलिंदा'

धर्मशाला
धर्मशाला नगर निगम चुनाव के प्रभारी एवं भाजपा के वरिष्ठ विधायक पवन काजल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा धर्मशाला नगर निगम चुनाव के लिए जारी किए गए कांग्रेस के घोषणापत्र पर तीखा पलटवार किया है। पवन काजल ने मुख्यमंत्री के दावों को पूरी तरह से खोखला बताते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार केवल चुनावी लाभ के लिए विकास का ढोंग रच रही है, जबकि धरातल पर वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। धर्मशाला की जनता को कांग्रेस के झूठे वादों से अब गुमराह नहीं किया जा सकता।
पवन काजल ने मुख्यमंत्री की मंशा पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि वे धर्मशाला के विकास और यहां के युवाओं के भविष्य के प्रति तनिक भी गंभीर हैं, तो केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए निर्धारित 30 करोड़ रुपए की राशि को सरकार ने अब तक क्यों दबा रखा है? उन्होंने आरोप लगाया कि यह धनराशि जारी न करना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सुक्खू सरकार धर्मशाला की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को राजनीतिक द्वेष के चलते बाधित कर रही है। यह धर्मशाला की जनता के साथ सरासर सौतेला व्यवहार है।
विधायक पवन काजल ने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस को धर्मशाला के विकास की याद आने लगी है, जबकि पिछले कार्यकाल के दौरान सरकार ने केवल बजट रोकने और पुरानी योजनाओं को ठप करने का ही काम किया है। धर्मशाला की जनता भली-भांति जानती है कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा भेजी गई स्मार्ट सिटी की योजनाओं को गति देने के बजाय प्रदेश सरकार ने उनमें अड़ंगे लगाने का काम किया है। सड़क, पार्किंग, सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं कांग्रेस राज में ठप पड़ी हैं।
कांग्रेस के घोषणापत्र को ‘झूठ का पुलिंदा’ करार देते हुए पवन काजल ने कहा कि सत्ता में आने से पहले दी गई ’10 गारंटियों’ की तरह ही यह मैनीफेस्टो भी एक छलावा मात्र है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे कांग्रेस के इन हवाई वादों और विकास के पाखंड को पहचानें।
पवन काजल ने स्पष्ट किया कि भाजपा विकास के ठोस प्रमाण और सेवा के संकल्प के साथ जनता के बीच जाएगी, क्योंकि प्रदेश की जनता अब कांग्रेस के गुमराह करने वाले विज्ञापनों और झूठी घोषणाओं से ऊब चुकी है। 31 मई को धर्मशाला की जनता कमल खिलाकर कांग्रेस को करारा जवाब देगी।


