CM सुक्खू जाएंगे दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल: ‘अंतिम छोर’ के व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की ऐतिहासिक पहल
मुख्यमंत्री का दौरा बड़ा भंगाल के लोगों के लिए नई उम्मीदें ही नहीं बल्कि कांगड़ा जिले के विकास के लिए एक सकारात्मक संदेश
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अब प्रदेश के सबसे कठिन और दुर्गम इलाकों में से एक ‘बड़ा भंगाल’ की समस्याओं का जमीनी जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री का यह प्रस्तावित दौरा क्षेत्र के समावेशी विकास और वहां के निवासियों की सुध लेने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया मुख्यमंत्री की प्राथमिकता प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की समस्याओं को समझना और उनका मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना है। इसी विजन को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री 27 जून को बड़ा भंगाल पहुंचेंगे, जहां वे स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से सीधा संवाद करेंगे।
रात्रि विश्राम और आपदा राहत का जायजा
डीसी हेमराज बैरवा ने बताया कि दौरे की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मुख्यमंत्री इस दुर्गम क्षेत्र में रात्रि विश्राम भी करेंगे। मौसम अनुकूल रहने की स्थिति में मुख्यमंत्री वहां पहुंचकर पिछले वर्ष आई भीषण प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे न केवल विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे, बल्कि जनसुविधाओं को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायतों और सुझावों को भी विस्तार से सुनेंगे।
प्रशासनिक तैयारियां पूरी
मुख्यमंत्री सुक्खू के इस महत्वपूर्ण दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। डीसी हेमराज बैरवा ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विभिन्न विभागों की विशेष टीमें पहले ही बड़ा भंगाल के लिए रवाना हो चुकी हैं, ताकि मुख्यमंत्री को क्षेत्र की वास्तविक भौगोलिक और प्रशासनिक स्थिति से अवगत कराया जा सके।
यह दौरा न केवल बड़ा भंगाल के लोगों के लिए नई उम्मीदें लेकर आएगा, बल्कि यह पूरे कांगड़ा जिले के विकास के लिए एक सकारात्मक संदेश है। प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व का इस तरह के दुर्गम क्षेत्रों में जाकर रात्रि प्रवास करना, सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही और संवेदनशीलता को दर्शाता है।


