प्रतिशोध की आग में लोकतांत्रिक मूल्यों को जला रही कांग्रेस, जनता सिखाएगी सबक: परमार
हिमाचल में चरमराई कानून-व्यवस्था और आर्थिक संकट, नाकामियां छिपाने के लिए विपक्ष को निशाना बना रही सरकार
पालमपुर।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं सुलह से भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रही यह सरकार अपनी प्रशासनिक और राजनीतिक विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए अब ‘प्रतिशोध की राजनीति’ का सहारा ले रही है। धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ हालिया घटनाक्रम को उन्होंने एक सोची-समझी साजिश करार दिया।
परमार ने कड़े शब्दों में कहा कि यह पूरा घटनाक्रम विपक्ष की प्रखर आवाज को कुचलने का एक विफल प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर भाजपा नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा न तो ऐसे दबावों के आगे झुकेगी और न ही जनहित के मुद्दों को उठाने से पीछे हटेगी। परमार ने कहा, “सत्य को कुछ समय के लिए परेशान तो किया जा सकता है, लेकिन सत्ता के अहंकार से उसे पराजित नहीं किया जा सकता।”
प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए परमार ने कहा कि हिमाचल आज गहरे आर्थिक संकट, बढ़ते कर्ज के बोझ, चरमराती कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। जनता को दी गई चुनावी गारंटियां आज तक अधूरी हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं का समाधान खोजने के बजाय अपनी पूरी ऊर्जा विपक्ष के दमन में लगा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों को आगाह करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि अधिकारियों की पहली जिम्मेदारी संविधान और कानून के प्रति है, न कि किसी विशेष राजनीतिक दल की इच्छाओं की पूर्ति करना। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
अंत में परमार ने हुंकार भरते हुए कहा कि कांग्रेस की दमनकारी नीतियों का जवाब हिमाचल की जागरूक जनता आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से देगी। उन्होंने संकल्प दोहराया कि भाजपा प्रदेश की जनता की आवाज बनकर हर अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़ी रहेगी और कांग्रेस के इस ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का अंत अंततः जनता के जनादेश से ही होगा।


