राजनीतिवीडियोहिमाचल प्रदेश

डीसी कार्यालय कांग्रेस का राजनीतिक अड्डा नहीं बन सकता: जयराम

कहा, हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद जिला परिषद चुनाव टाल रही सरकार, लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान कर रहा प्रशासन

शिमला।

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, जनादेश का अपमान करने तथा प्रशासन का राजनीतिक दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार अब जनता से नहीं बल्कि जनता के फैसले से डरने लगी है। पंचायत और शहरी निकाय चुनावों के परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना मन बना चुकी है और यही कारण है कि सरकार चुनाव प्रक्रिया को हर स्तर पर बाधित करने का प्रयास करती रही।

जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 22 जनवरी 2026 को समाप्त हो गया था। संविधान और पंचायती राज अधिनियम की भावना के अनुसार समय पर परिसीमन एवं अन्य प्रक्रियाएं पूरी कर चुनाव संपन्न होने चाहिए थे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने जानबूझकर चुनाव टालने की रणनीति अपनाई। पहले आपदा का हवाला देकर डिजास्टर एक्ट के माध्यम से चुनाव स्थगित करने का प्रयास किया गया। जब भाजपा न्यायालय गई तो हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने चुनाव कराने का आदेश दिया। इसके बाद सरकार सर्वोच्च न्यायालय पहुंची, लेकिन वहां से भी चुनाव निर्धारित समय के भीतर कराने का निर्देश मिला। अंततः सरकार को मजबूर होकर चुनाव कराने पड़े।

चुनाव परिणाम कांग्रेस के खिलाफ जाएंगे
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को पहले से अंदेशा था कि चुनाव परिणाम कांग्रेस के खिलाफ जाएंगे और वही हुआ। पंचायतों, ब्लॉक समितियों, नगर निकायों और जिला परिषदों के परिणामों ने स्पष्ट कर दिया कि जनता कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों को अस्वीकार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि 12 जिलों में से 10 जिलों में जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिनमें 9 जिलों में कांग्रेस अपने प्रत्याशी तक खड़े नहीं कर सकी और भाजपा समर्थित उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लगभग 70 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में भाजपा समर्थित प्रधान चुने गए हैं। नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनावों में भी जनता ने कांग्रेस को स्पष्ट संदेश दिया है। धर्मशाला, मंडी और सोलन नगर निगमों में भाजपा ने बहुमत प्राप्त कर मेयर और डिप्टी मेयर चुने, जिससे जनता का रुझान स्पष्ट दिखाई देता है।

सरकार जनादेश स्वीकार करने को तैयार नहीं
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम आने के बाद भी सरकार जनादेश स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज नियमों में संशोधन कर अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव को अनिश्चितकाल तक टालने का रास्ता बनाया गया। पहले नियमों में मतदान के सात दिनों के भीतर चुनाव कराने का स्पष्ट प्रावधान था, लेकिन सरकार ने 18 अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी कर उसमें संशोधन कर दिया। हाल ही में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने इंदौरा ब्लॉक समिति मामले में स्पष्ट कहा कि किसी अधिकारी को चुनाव प्रक्रिया अनिश्चितकाल तक टालने का अधिकार नहीं है, क्योंकि मूल अधिनियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि शिमला जिला परिषद में कुल 25 निर्वाचित सदस्य हैं, जिनमें 13 भाजपा समर्थित सदस्य निर्वाचित हुए हैं तथा अन्य सदस्यों का भी भाजपा को समर्थन प्राप्त है। इसके बावजूद सरकार चुनाव की तिथि घोषित नहीं कर रही। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन मुख्यमंत्री के राजनीतिक दबाव में कार्य कर रहा है और लोकतंत्र का गला घोंटने का प्रयास किया जा रहा है।

DC बात तक करने का समय नहीं दे रहे
जयराम ठाकुर ने तीखे शब्दों में कहा कि डीसी कार्यालय कांग्रेस का जिला कार्यालय नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से वह स्वयं उपायुक्त शिमला से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बात तक करने का समय नहीं दिया गया। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन का दायित्व संविधान और कानून के अनुसार कार्य करना है, न कि किसी राजनीतिक दल के हितों की रक्षा करना। यदि अधिकारी राजनीतिक दबाव में कार्य करेंगे तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर जनता का विश्वास कमजोर होगा।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि दो दिनों के भीतर शिमला जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव की तिथि घोषित नहीं की गई, तो भाजपा के सभी निर्वाचित जिला परिषद सदस्य उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखेंगे। यदि इसके बाद भी चुनाव प्रक्रिया नहीं कराई गई तो भाजपा जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन करेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगड़ती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री और प्रशासन की होगी।

लगातार झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में राजनीतिक प्रतिशोध का अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। भाजपा के विधायकों, पूर्व विधायकों, जिला परिषद सदस्यों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ लगातार झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में एक और भाजपा नेता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है तथा उन्हें जानकारी मिली है कि कई अन्य नेताओं के विरुद्ध भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा का मुकाबला करने में असफल रही है, इसलिए पुलिस और प्रशासन का सहारा लेकर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा न तो झूठे मुकदमों से डरेगी और न ही प्रशासनिक दबाव से पीछे हटेगी। पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से जनता की आवाज उठाती रहेगी। पंचायत और शहरी निकाय चुनावों में जनता ने जो संदेश दिया है, वह केवल शुरुआत है। 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।

बस दुर्घटना पर जताया गहरा दुःख
जयराम ठाकुर ने चंबा जिले के ईसा क्षेत्र में हुई बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की तथा राज्य सरकार से सभी घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!