बोर्ड अध्यक्ष ने कहा, ‘सफलता का कोई शॉर्टकट तो नहीं लेकिन ये मंत्र जरूरी’
कहा, परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किसी संयोग का परिणाम नहीं होता

धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने मार्च-2027 की बोर्ड परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों से अभी से सुनियोजित, नियमित एवं लक्ष्य-आधारित अध्ययन प्रारम्भ करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किसी संयोग का परिणाम नहीं होता, बल्कि निरंतर अभ्यास, समय का सदुपयोग, अनुशासन, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का प्रतिफल होता है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता; नियमित अभ्यास और अनुशासित जीवनशैली ही सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी अपनी दैनिक अध्ययन योजना तैयार करे तथा सभी विषयों का संतुलित एवं व्यवस्थित अध्ययन करे। कठिन विषयों एवं अध्यायों को टालने के बजाय उन्हें प्राथमिकता दें, नियमित पुनरावृत्ति करें तथा पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों एवं मॉडल प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें। इससे विषयों की गहन समझ विकसित होगी और परीक्षा के प्रति आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
उन्होंने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन का महत्व समझाते हुए कहा कि मोबाइल फोन एवं सोशल मीडिया का उपयोग केवल अध्ययन संबंधी आवश्यकताओं तक सीमित रखें। अनावश्यक स्क्रीन टाइम से बचें तथा प्रत्येक दिन का अधिकतम समय अपनी पढ़ाई, पुनरावृत्ति और आत्ममूल्यांकन को दें। छोटे-छोटे दैनिक लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें समयबद्ध ढंग से पूरा करने की आदत सफलता की मजबूत नींव रखती है।
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा की तैयारी केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है। शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को पर्याप्त नींद, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम तथा सकारात्मक सोच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर ही बेहतर एकाग्रता तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन का आधार हैं।
डॉ. शर्मा ने अभिभावकों एवं शिक्षकों से भी आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को सकारात्मक, सहयोगपूर्ण एवं तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराएं। बच्चों की तुलना दूसरों से करने के बजाय उनकी व्यक्तिगत क्षमता, रुचि और निरंतर प्रगति को प्रोत्साहित करें। उनका आत्मविश्वास बढ़ाना ही उन्हें सफलता की ओर अग्रसर करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन की अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि सीखने, स्वयं को परखने और भविष्य के निर्माण की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसलिए विद्यार्थी भय या तनाव के बजाय सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और पूरी निष्ठा के साथ तैयारी करें। यदि किसी विषय में कठिनाई हो तो शिक्षक, अभिभावक या विशेषज्ञ से मार्गदर्शन लेने में संकोच न करें।
डॉ. राजेश शर्मा ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यदि वे आज से ही नियमित अध्ययन, अनुशासन, समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे, तो मार्च-2027 की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने माता-पिता, शिक्षकों, विद्यालय तथा हिमाचल प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगे।



