हिमाचल में ‘सेस राज’: जनसेवा के नाम पर जनता की जेब पर डाका, भाजपा का सुक्खू सरकार पर बड़ा हमला
अनाथ और विधवा सेस के बहाने जनता को 'आर्थिक अनाथ' बना रही कांग्रेस सरकार
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार द्वारा जनकल्याण की आड़ में आम जनता पर थोपे जा रहे भारी-भरकम वित्तीय बोझ को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा ने प्रदेश सरकार की कर नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे ‘आर्थिक शोषण’ करार दिया है। उन्होंने पेट्रोल और डीजल पर लागू किए गए ‘अनाथ व विधवा सेस’ को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि जनकल्याण के नाम पर यह जनता की जेब पर सीधा डाका है।
‘जनता को आर्थिक अनाथ बनाने पर तुली सरकार’
संजय शर्मा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अनाथ और विधवाओं के नाम पर नए-नए सेस लगाकर सरकार असल में हिमाचल की जनता को ही आर्थिक रूप से अनाथ बनाने की राह पर चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता संभालने के बाद से सुक्खू सरकार का विजन जनसेवा के बजाय केवल कर और सेस वसूलने तक सीमित रह गया है। ईंधन से लेकर बिजली, पानी और उद्योगों तक, सरकार ने हर मोर्चे पर प्रदेशवासियों पर टैक्स का भारी बोझ लाद दिया है।
इन क्षेत्रों में सेस की मार से बेहाल हुई जनता:
भाजपा प्रवक्ता ने सरकार द्वारा थोपे गए करों की सूची साझा करते हुए मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
पेट्रोल-डीजल पर बोझ: ‘अनाथ व विधवा सेस’ के कारण परिवहन लागत बढ़ गई है, जिससे दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं।
बिजली बिल में मिल्क सेस: बिजली के बिलों के माध्यम से प्रति यूनिट ‘मिल्क सेस’ वसूला जा रहा है, जो आम उपभोक्ता और छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ रहा है।
पर्यावरण और वाणिज्यिक सेस: बिजली की खपत पर पर्यावरण सेस और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (होटल, अस्पताल, मॉल) पर ₹1 प्रति यूनिट तक का अतिरिक्त सेस लगाकर उद्योगों को संकट में डाल दिया गया है।
महंगा पानी और बुनियादी सुविधाएं: जल उपकर और अन्य करों में वृद्धि कर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरसाया जा रहा है।
गारंटियों से मुकरी सरकार, दिया सिर्फ टैक्स का तोहफा
संजय शर्मा ने कांग्रेस के चुनावी वादों की याद दिलाते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले 300 यूनिट मुफ्त बिजली और महिलाओं को ₹1500 देने की बड़ी-बड़ी गारंटियां दी गई थीं। लेकिन धरातल पर गारंटियां पूरी करना तो दूर, सरकार ने मुफ्त बिजली की सीमाएं खत्म कर उलटे जनता पर टैक्सों की झड़ी लगा दी है।
आंदोलन की चेतावनी
भारतीय जनता पार्टी ने मांग की है कि सरकार अपने मंत्रियों और सलाहकारों की लंबी-चौड़ी फौज पर होने वाली फिजूलखर्ची को तुरंत बंद करे और जनता पर थोपे गए सभी अनुचित सेस वापस ले। भाजपा ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि ये जनविरोधी फैसले वापस नहीं लिए गए, तो पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक उग्र आंदोलन छेड़ने से पीछे नहीं हटेगी।



