हिमाचल की संस्कृति का वैश्विक शंखनाद: लंदन से टाइम्स स्क्वायर तक छाई फिल्म ‘खूंटा’
2.9 करोड़ का बजट और वैश्विक अवॉर्ड्स: पहाड़ की मिट्टी की खुशबू अब दुनिया भर के सिनेमाघरों में
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की देव-संस्कृति अब केवल पहाड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सात समंदर पार भी अपनी चमक बिखेर रही है। ‘इंडी फिल्म्स’ के बैनर तले बनी इंडिपेंडेंट हिंदी फीचर फिल्म ‘खूंटा’ने अपनी रिलीज से पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तहलका मचा दिया है। हिमालयी क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं और ‘देव-आस्था’ को समेटे यह फिल्म भारतीय सिनेमा के लिए एक गौरवशाली अध्याय लिख रही है।
फिल्म ‘खूंटा’ मुख्य रूप से जौनसार-बावर और सिरमौर जैसे क्षेत्रों की अनूठी संस्कृति और वहां के आराध्य ‘महासू महाराज’ के प्रति समर्पित समुदायों की अटूट आस्था पर आधारित है। यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि हिमालयी जनजीवन और उनकी जड़ों से जुड़ा एक जीवंत दस्तावेज़ है। फिल्म की इसी गहराई को देखते हुए, हाल ही में धर्मशाला में इसकी विशेष स्क्रीनिंग रखी गई, जिसमें स्थानीय निवासियों और सेंट्रल यूनिवर्सिटी के टूरिज्म विभाग के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
महज 2.9 करोड़ रुपए के सीमित बजट में तैयार हुई हिंदी फिल्म ‘खूंटा’ ने इतिहास रच दिया है। ‘खूंटा’ हिमाचल की पहली ऐसी फिल्म बन गई है जिसने लंदन फिल्म फेस्टिवल में ‘बेस्ट फॉरेन फीचर फिल्म’ और इंडियन मूवी अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट फीचर फिल्म’ का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया है। फिल्म की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका स्पेशल पोस्टर न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध टाइम्स स्क्वायर पर लॉन्च किया गया, जो किसी भी क्षेत्रीय विषय वाली फिल्म के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
लेखक और निर्देशक अनुशी शर्मा के कुशल निर्देशन में बनी इस फिल्म के निर्माता मुकेश मोदी हैं। फिल्म में कार्तिक राव और स्वयं अनुशी शर्मा मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। अपनी कलात्मकता और सांस्कृतिक विरासत का डंका बजाने वाली यह फिल्म 18 सितंबर 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है।



