राजनीतिराष्ट्रीयवीडियोहिमाचल प्रदेश

सुधीर शर्मा का तंज, ‘जितनी चाबी भरोगे, उतना ही नाचेगा खिलौना!’

विजिलेंस के सामने पेश हुए धर्मशाला विधायक सुधीर शर्मा, कहा जांच में पूरा सहयोग करूंगा

“ऊपर से जितनी चाबी भरी जाती है, खिलौना उतना ही नाचता है!” विजिलेंस के चक्रव्यूह से निकलकर सुक्खू सरकार पर गरजे सुधीर शर्मा; 50 सवालों की बौछार और एक तीखा पलटवार!

 

धर्मशाला।

देवभूमि की शांत वादियों में इस वक्त सियासी पारा 440 वोल्ट के पार चला गया है! धर्मशाला से बागी तेवरों वाले बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा जब विजिलेंस के दफ्तर में दाखिल हुए, तो लगा कि सरकार ने शिकंजा कस दिया है। लेकिन दोपहर एक बजे से शुरू हुई मैराथन पूछताछ के बाद जब सुधीर शर्मा बाहर निकले, तो उनके चेहरे पर शिकन नहीं, बल्कि होंठों पर वो तीखा तंज था जिसने सत्ता के गलियारों में खलबली मचा दी है!

विजिलेंस की लंबी-चौड़ी फाइलों, 10 साल के कच्चे-चिट्ठे और 50 सवालों की बौछार का सामना करके बाहर आए सुधीर शर्मा ने विरोधियों पर ऐसा ‘शब्द-बाण’ चलाया है कि शिमला से धर्मशाला तक सियासी सन्नाटा पसर गया है।

‘जितनी चाबी भरोगे, उतना ही नाचेगा खिलौना!’
पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी के बयानों पर पलटवार करते हुए सुधीर शर्मा ने जो तीर छोड़ा, वो सीधे ‘सुक्खू दरबार’ के निशाने पर जाकर लगा। सुधीर शर्मा ने तंजिया मुस्कान के साथ कहा, ‘मुझे तो जग्गी पर सिर्फ और सिर्फ तरस आता है, सहानुभूति है उनसे! वो बेचारे मुख्यमंत्री के करीबी दिखने की होड़ में जो कर रहे हैं, वो उनकी मजबूरी है। अरे भाई, जितनी चाबी ऊपर से भरी जाती है, खिलौना तो उतना ही चलता है ना!’

सुधीर का यह एक डायलॉग सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। साफ है कि निशाना जग्गी थे, लेकिन संदेश सीधे ‘चाबी भरने वाले’ शीर्ष नेतृत्व को था!

1 बजे एंट्री…सवा 6 बजे वापसी
विजिलेंस दफ्तर के बाहर मीडिया का जमावड़ा था। दोपहर ठीक एक बजकर 7 मिनट पर सुधीर शर्मा सवालों के ‘कटघरे’ में पेश हुए। अंदर विजिलेंस अफसर। टेबल पर सवालों का ऐसा पुलिंदा था मानो पूरा एक्स-रे करना हो। सवालों का जवाब देने के बाद सवा 6 बजे सुधीर शर्मा विजिलेंस दफ्तर से बाहर आए।

बाहर आकर खुद सुधीर शर्मा ने बताया कि
– साल 2013 से लेकर 2023 तक… यानी पूरे 10 सालों का हिसाब मांगा गया।
– करीब 40 से 50 तीखे, पेचीदा और व्यक्तिगत सवाल दागे गए।
– परिवार की संपत्ति, बैंक खातों से लेकर हर बारीक पहलू की टोह ली गई।

सुधीर शर्मा ने कहा कि ‘मैंने हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया है। अगर विजिलेंस को आधी रात को भी किसी कागज की जरूरत होगी, तो सुधीर शर्मा हाजिर रहेगा। हम भागने वालों में से नहीं है।’

‘राजनीतिक जीवन की पहली FIR… सच सामने आकर रहेगा’
सुधीर शर्मा ने सरकार की मंशा पर सीधा हमला बोलते हुए इसे ‘सियासी बदले की घटिया पटकथा’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘यह मेरे पूरे राजनीतिक जीवन की पहली एफआईआर है! यह कोई जांच नहीं, बल्कि राजनीतिक षड्यंत्र का खुला खेल है। मुझे निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि मैंने आवाज उठाई। लेकिन मैं भी देखना चाहता हूं कि यह साजिश कहां तक जाती है। जांच पूरी हो, दूध का दूध और पानी का पानी पूरी जनता के सामने आएगा।’

गोमा के आरोपों पर ‘सुधीर स्ट्राइक’: ‘मेरा घर सरकारी धन से नहीं बना’
कैबिनेट मंत्री यादवेंद्र गोमा द्वारा उनके आलीशान आवास की लागत पर उठाए गए सवालों की सुधीर शर्मा ने धज्जियां उड़ा दीं। सुधीर ने दो-टूक लहजे में कहा, ‘गोमा साहब को शायद पता नहीं है कि विजिलेंस इसी बात की तो जांच कर रही है! घर कैसे बना, लागत कितनी आई, पैसा कहां से आया…सबका हिसाब विजिलेंस के पास है। लेकिन एक बात कान खोलकर सुन लें…मेरा घर सरकारी धन से नहीं बना! वो मेरी अपनी कमाई का है।’

बड़ा सवाल: क्या यह सिर्फ जांच है या 2024 की सियासी जंग?
विजिलेंस के चक्रव्यूह से मुस्कुराते हुए बाहर निकले सुधीर शर्मा के तेवरों ने साफ कर दिया है कि हिमाचल की सियासत में ‘आर-पार’ की लड़ाई शुरू हो चुकी है। एक तरफ सरकार की जांच एजेंसियां हैं, तो दूसरी तरफ सुधीर शर्मा के तीखे तंज और बेबाक तेवर।

अब देखना यह होगा कि ‘चाबी वाले खिलौने’ के इस बयान के बाद शिमला का सत्ता गलियारा क्या पलटवार करता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!