शिक्षाहिमाचल प्रदेश

विश्व पर्यटन दिवस पर बाहरा यूनिवर्सिटी में दिखा अनूठा उत्साह, लिम्का बुक में भी दर्ज हुआ नाम

वाकनाघाट (सोलन)।

बाहरा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म की ओर से विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में पर्यटन सप्ताह का आयोजन किया गया। सप्ताह भर चले इस आयोजन के दौरान विद्यार्थियों के लिए पर्यटन, साहसिक गतिविधियों, पर्यावरण संरक्षण, सतत पर्यटन, कला, संस्कृति, पाक-कला, तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यटन क्षेत्र के विभिन्न आयामों से परिचित करवाने के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक अनुभव, रचनात्मक अभिव्यक्ति, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक कार्य का अवसर प्रदान करना रहा।

पर्यटन सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों ने करोल टिब्बा तक साहसिक पदयात्रा में भाग लिया। इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति के निकट आने और साहसिक पर्यटन का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला। पदयात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। वापसी के दौरान विद्यार्थियों ने मार्ग में बिखरे कचरे को एकत्र कर स्वच्छता अभियान चलाया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वच्छ पर्यावरण और जिम्मेदार पर्यटन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। इस अभियान में सहायक प्राध्यापक वरुण ठाकुर और रुचि शर्मा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

पर्यटन सप्ताह के अंतर्गत अंतर-विभागीय पोस्टर निर्माण एवं दीवार चित्रण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पर्यटन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मक सोच को चित्रों एवं रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में गौरी (बीपीटी) ने प्रथम, तेनजिन (बीपीटी) ने द्वितीय तथा हमजा (बीएचएम) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। दीवार चित्रण प्रतियोगिता में हुसनप्रीत और अंशिका (बीए) ने प्रथम स्थान हासिल किया। प्रतियोगिताओं का निर्णयन सुश्री हर्षिता, कौशल प्रशिक्षण विशेषज्ञ तथा प्रियंका ने किया।

इसी दौरान विश्वविद्यालय के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई। स्कूल के सह-प्राध्यापक डॉ. वैभव वर्मा को हिमाचल के पारंपरिक व्यंजन सिड्डू की 451 विभिन्न किस्में और विशिष्ट स्वाद तैयार करने में योगदान के लिए लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में मान्यता प्राप्त हुई। यह उपलब्धि हिमअंचल शेफ्स एसोसिएशन के सहयोग से हासिल की गई। इस उपलब्धि का प्रमाण-पत्र शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने प्रदान किया। सिड्डू जैसे पारंपरिक हिमाचली व्यंजन को विभिन्न रूपों में प्रस्तुत करने की यह पहल हिमाचल की समृद्ध पाक परंपरा, नवाचार और प्रतिभा को नई पहचान देने वाली रही।

स्कूल के विद्यार्थियों ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के व्यावसायिक अध्ययन संस्थान की ओर से आयोजित ‘हिम विरासत’ विश्व पर्यटन सप्ताह समारोह में भी भाग लिया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित लघु फिल्म प्रतियोगिता में बीएचएम तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों कशिश और रितिक ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में एमटीटीएम के विद्यार्थियों सोनम पालमो और साहिल ठाकुर ने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित लघु फिल्म प्रतियोगिता में मिली सफलता ने यह भी दर्शाया कि विद्यार्थी पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को सीखने और अपनाने के लिए निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

जोगिंदर ने स्वर्ण और स्टैनजिन ने जीता रजत पदक
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर हिमअंचल शेफ्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित हिमाचल पाक-कला एवं पर्यटन उत्सव-2026 में भी स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में जोगिंदर ने स्वर्ण पदक तथा स्टैनजिन ने रजत पदक हासिल किया। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता की तैयारी के लिए शेफ रितिक कश्यप और शेफ यशवंत, सह-प्राध्यापक ने मार्गदर्शन प्रदान किया।

विद्यार्थियों और शिक्षकों की इन उपलब्धियों पर बाहरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) आर. एस. नैण्टा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी विजेताओं, प्रतिभागियों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनीत कुमार ने भी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान करता रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की और उन्हें इसी उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

पर्यटन सप्ताह के दौरान आयोजित सभी गतिविधियां स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म के विभागाध्यक्ष एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. विकेश कश्यप के नेतृत्व में आयोजित की गईं। डॉ. विकेश कश्यप ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में सीखने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को साहसिक पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, कला, संस्कृति, पाक-कला, आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे पर्यटन के विभिन्न आयामों से जोड़ने का प्रयास किया गया।

उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्यटन सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा हासिल की गई विभिन्न उपलब्धियों ने न केवल स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म, बल्कि पूरे बाहरा विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है।

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