केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल की बड़ी छलांग
1400 संस्थानों में 17वीं रैंक हासिल कर रचा इतिहास
धर्मशाला।
केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश ने टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में पहली बार शामिल होकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के कुलपति प्रो. एस.पी. बंसल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि विश्वविद्यालय को वैश्विक रैंकिंग में 701-800 के बैंड में स्थान मिला है। प्रो. बंसल ने दावा किया कि देशभर के केंद्रीय, राज्य, निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों समेत करीब 1400 संस्थानों के बीच विश्वविद्यालय की 17वीं रैंक रही है।
प्रो. बंसल ने बताया कि सभी 56 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में विश्वविद्यालय तीसरे स्थान पर रहा है। वहीं हिमाचल प्रदेश के सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों में भी विश्वविद्यालय को प्रथम स्थान मिला है। रैंकिंग पांच प्रमुख क्षेत्रों टीचिंग, रिसर्च एनवायरमेंट, रिसर्च क्वालिटी, इंटरनेशनल आउटलुक और इंडस्ट्री के 17 प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर निर्धारित होती है। विश्वविद्यालय के टीचिंग में 35.4 स्कोर रहा।
कुलपति प्रो. बंसल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में विभिन्न प्रोजेक्ट्स, इसरो के साथ सहयोग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए एमओयू का भी विश्वविद्यालय को लाभ मिला है। विश्वविद्यालय में शोध एवं वैज्ञानिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश किया जा रहा है। इस वर्ष एएनआरएफ के तहत करीब 11 करोड़ रुपए की ग्रांट, जिसमें लगभग 7 करोड़ रुपए उपकरणों के लिए हैं, प्राप्त हुई है।

धर्मशाला कैंपस को लेकर पूछे गए सवाल पर कुलपति प्रो. बंसल ने स्पष्ट कहा कि धर्मशाला कैंपस विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है और इसका निर्माण होगा। बजट से जुड़ी कुछ औपचारिकताओं के कारण काम की गति प्रभावित हुई थी, लेकिन अब बजट प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। कुलपति प्रो. बंसल ने उम्मीद जताई कि परिस्थितियां अनुकूल रहने पर जनवरी तक कैंपस के कुछ हिस्से में शिफ्ट होने की स्थिति बन सकती है।
देहरा में प्रस्तावित बोटैनिकल गार्डन के संबंध में उन्होंने बताया कि इसके लिए छह एकड़ भूमि अलग से चिन्हित की गई है। यहां नवग्रह वाटिका समेत बड़ा बोटैनिकल गार्डन विकसित किया जाएगा, जिसे विद्यार्थियों और शोधार्थियों के साथ आम जनता, स्कूल-कॉलेजों तथा पर्यटकों के लिए भी खोला जाएगा।
प्रो. बंसल ने कहा कि आज का दिन विश्वविद्यालय के लिए उपलब्धि और बधाई का दिन है। सीमित संसाधनों के बावजूद विश्वविद्यालय ने वैश्विक रैंकिंग में अपनी पहचान बनाई है और आगे भी शोध, शिक्षा तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के प्रयास जारी रहेंगे।



