मौत के जाल में जिंदगी, फरिश्ता बनी रेस्क्यू टीम
गुस्साए बंदरों के पहरे के बीच रेस्क्यू टीम ने किया बंदर के बच्चे का सफल रेस्क्यू
धर्मशाला।
धर्मशाला के सकोह क्षेत्र में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक घर के बाहर लगे प्लास्टिक के जाल में बंदर का एक बच्चा बुरी तरह फंस गया। इस घटना ने न केवल मासूम जानवर की जान जोखिम में डाल दी, बल्कि इलाके में भारी दहशत का माहौल भी पैदा कर दिया।
दरअसल, जाल में फंसे बच्चे को तड़पता देख वहां बंदरों का एक विशाल झुंड एकत्रित हो गया। अपने साथी को संकट में देख बंदरों का व्यवहार काफी आक्रामक हो गया था, जिससे स्थानीय निवासी घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वन्य प्राणी विंग को सूचित किया गया।
सूचना मिलते ही ‘रैपिड रेस्क्यू टीम’ बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची। हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन इतना आसान नहीं था। एक तरफ जाल में फंसा बच्चा था और दूसरी तरफ उसे बचाने के लिए रेस्क्यू टीम पर हमला करने को उतारू बंदरों का गुस्सा। भारी विरोध और कड़ी मशक्कत के बाद, टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बंदर के बच्चे को सुरक्षित काबू में किया।
टीम के सदस्यों ने सावधानीपूर्वक कैंची की मदद से प्लास्टिक के जाल को काटकर मासूम को आजाद कराया। नया जीवन मिलने के बाद बंदर के बच्चे को वापस सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया है। वन्य प्राणी विभाग की इस त्वरित कार्रवाई और बहादुरी की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की है।



