राजनीतिहिमाचल प्रदेश

कांग्रेस सरकार ने हिमाचल की पहचान विकास से हटाकर कर्ज, वादाखिलाफी और कुशासन से जोड़ दी : परमार

कहा, गारंटियां हवा-हवाई, प्रदेश कर्ज में डुबोया; जनता ने पंचायत चुनाव में कांग्रेस को दिखाया आईना

शिमला।

प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि साढ़े तीन वर्षों में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने हिमाचल प्रदेश को विकास के बजाय आर्थिक संकट, प्रशासनिक अव्यवस्था और जनविश्वास के संकट की ओर धकेल दिया है। चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाली कांग्रेस सरकार आज अपने ही वादों से मुकर चुकी है और प्रदेश का हर वर्ग स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान महिलाओं, युवाओं, कर्मचारियों, किसानों, बागवानों, व्यापारियों और बेरोजगारों से अनेक गारंटियां दी थीं, लेकिन आज तक अधिकांश वादे धरातल पर दिखाई नहीं देते। जनता को राहत देने के बजाय सरकार केवल घोषणाओं और प्रचार तक सीमित रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ी है और सरकार पर कर्ज का बोझ बढ़ता गया है। वित्तीय दबाव, विकास कार्यों की धीमी गति और भुगतान में देरी जैसे मुद्दों पर सरकार लगातार विपक्ष और जनता के निशाने पर रही है।

परमार ने कहा कि जनता यह भी महसूस कर रही है कि सरकार का पूरा ध्यान प्रदेश के विकास के बजाय अपने चहेतों और मित्रों को लाभ पहुंचाने में लगा रहा। दूसरी ओर आम नागरिक, कर्मचारी, किसान, युवा और छोटे व्यापारी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए पंचायती राज चुनावों के परिणाम कांग्रेस सरकार के लिए स्पष्ट संदेश हैं। जनता ने गांव-गांव में कांग्रेस की नीतियों को नकारते हुए भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। यह परिणाम इस बात का संकेत है कि प्रदेश की जनता अब कांग्रेस सरकार की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं है और परिवर्तन चाहती है।

विपिन सिंह परमार ने कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भी हिमाचल प्रदेश की चारों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने विजय प्राप्त की थी और विधानसभा के अधिकांश क्षेत्रों में भाजपा को बढ़त मिली थी। यह जनता के विश्वास और कांग्रेस सरकार के प्रति बढ़ते असंतोष का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव हिमाचल के भविष्य का चुनाव होगा। प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी, आर्थिक कुप्रबंधन और जनविरोधी नीतियों का लोकतांत्रिक जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। भाजपा जनता के बीच विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दों को लेकर जाएगी और प्रदेश को पुनः विकास की राह पर लाने का संकल्प लेकर जनता के सामने उपस्थित होगी।

परमार ने कहा कि हिमाचल की जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि परिणाम चाहती है और समय आने पर जनता अपना फैसला अवश्य सुनाएगी।

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