यूको बैंक का चौथी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन, शुद्ध लाभ में 22.66 प्रतिशत वृद्धि
बैंक के एनपीए में लगातार दर्ज की गई कमी
धर्मशाला।
यूको बैंक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में अपनी परिसंपत्ति गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। बैंक का सकल एनपीए घटकर 2.17 प्रतिशत रह गया है, जिसमें वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 52 बेसिस प्वाइंट की कमी दर्ज की गई है। वहीं शुद्ध एनपीए (नेट एनपीए) भी घटकर मात्र 0.27 प्रतिशत रह गया है, जिसमें 23 बेसिस प्वाइंट का सुधार हुआ है।
यूको बैंक की धर्मशाला ब्रांच की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात 97.79 प्रतिशत रहा, जो संभावित जोखिमों के प्रति बैंक की मजबूत तैयारी को दर्शाता है। एनपीए में लगातार कमी बैंक की बेहतर ऋण प्रबंधन नीति, प्रभावी निगरानी प्रणाली और मजबूत वित्तीय अनुशासन का संकेत है। इससे बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ ग्राहकों और निवेशकों का विश्वास भी मजबूत हुआ है।
बैंक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही और वार्षिक वित्तीय परिणामों में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। 31 मार्च 2026 तक बैंक का कुल कारोबार बढ़कर 5,90,314 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 14.95 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इसमें सकल अग्रिम 2,62,752 करोड़ तथा कुल जमा 3,27,563 करोड़ रही।
बैंक के चालू खाता और बचत खाता (कासा) में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। कुल कासा राशि 1,17,752 करोड़ रही, जिसमें बचत जमा 1,01,025 करोड़ और चालू जमा 16,727 करोड़ रहा। कासा अनुपात में 74 बीपीएस का सुधार हुआ और यह बढ़कर 38.65 प्रतिशत हो गया।
31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए बैंक का शुद्ध लाभ 801 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 653 करोड़ था। इस प्रकार बैंक ने वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 22.66 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। इसी अवधि में परिचालन लाभ 1,573 करोड़ रहा।
रिटेल, कृषि और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में भी बैंक ने बेहतर प्रदर्शन किया। खुदरा, कृषि और एमएसएमई (आरएएम) सेगमेंट में कुल ऋण 24.23 प्रतिशत बढ़कर 1,52,324 करोड़ तक पहुंच गया। इसमें खुदरा ऋणों में 26.62 प्रतिशत, कृषि ऋणों में 26.24 प्रतिशत तथा एमएसएमई ऋणों में 19.36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
बैंक ने वर्ष 2025-26 के लिए 4.40 प्रतिशत की दर से लाभांश देने का प्रस्ताव भी रखा है, जो आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की स्वीकृति के अधीन होगा।


