धर्मशाला।
धर्मशाला के विधायक और भाजपा के कद्दावर नेता सुधीर शर्मा ने अपने जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश की सुक्खू सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। सेवा कार्यों के बीच सुधीर शर्मा के तल्ख तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बड़ा टकराव तय है। सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ‘विकास विरोधी’ और ‘प्रतिशोध की राजनीति’ पर उतारू है।
‘कागजों में सिमटी आपदा राहत’
पत्रकारों से रूबरू होते हुए सुधीर शर्मा ने सुक्खू सरकार को आपदा प्रबंधन के मोर्चे पर बुरी तरह विफल बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आई भीषण आपदा के बाद सरकार केवल कागजी घोषणाओं और विज्ञापनों तक सीमित रह गई है। जमीनी हकीकत यह है कि आज भी सैकड़ों प्रभावित परिवार मदद की बाट जोह रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार को आत्ममुग्धता से बाहर निकलकर उन लोगों का संबल बनना चाहिए जो अपना सब कुछ खो चुके हैं।
विधायक निधि रोकना लोकतंत्र की हत्या
सुधीर शर्मा ने सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में विकास कार्यों को जानबूझकर ठप किया जा रहा है। विधायक निधि को रोकना न केवल विकास की राह में रोड़ा अटकाना है, बल्कि यह उन मतदाताओं का भी अपमान है जिन्होंने अपने प्रतिनिधि को चुना है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए एक घातक परंपरा करार दिया।
‘जांच से नहीं डरता, भाजपा लाएगी चार्जशीट’
सरकार द्वारा करवाई जा रही जांच और दर्ज एफआईआर पर सुधीर शर्मा ने दो-टूक शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं किसी भी जांच से डरने वाला नहीं हूं। पिछले दो सालों से मेरे और मेरे करीबियों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, लेकिन हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। हम हर जांच में सहयोग करेंगे, लेकिन डरेंगे नहीं।’
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा जल्द ही सुक्खू सरकार की विफलताओं और भ्रष्टाचार के तथ्यों के साथ एक व्यापक ‘चार्जशीट’ जनता के सामने पेश करेगी। शर्मा ने साफ किया कि यदि सरकार का तानाशाही रवैया नहीं थमा, तो वे न्याय के लिए चुनाव आयोग और अदालत का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
कांग्रेस के अंतर्कलह पर चुटकी
कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी पर प्रहार करते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि जिस दल का अपना घर व्यवस्थित नहीं है, वह प्रदेश का भला क्या करेगा? उन्होंने कहा कि कांग्रेस की आंतरिक कलह का खामियाजा प्रदेश की जनता भुगत रही है। सुधीर शर्मा के इस आक्रामक रुख ने हिमाचल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि आगामी विधानसभा सत्र और चुनाव पूर्व की बिसात अब पूरी तरह बिछ चुकी है।


