हिमाचल कैबिनेट के बड़े फैसले: 1066 पदों को भरने की मंजूरी
जारी रहेगी हिमकेयर, सहारा और एमआईएस योजनाएं
शिमला।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आज वीरवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित की गई। बैठक में मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों में विभिन्न श्रेणियों के 1066 पदों को सृजित कर भरने की मंजूरी दी। मंत्री हर्षवर्धन चौहान और रोहित ठाकुर ने कहा कि आरडीजी बंद होने से होने हिमाचल के विकास को बहुत बड़ा धक्का लगा है। यह हिमाचल के साथ अन्याय है। मंत्रिमंडल ने फैसला लिया कि सरकार अपने संसाधन जुटाएगी। पिछले तीन वर्षों में करीब साढ़े तीन हजार करोड़ का राजस्व अर्जित किया है।
मंत्रिमंडल ने कहा कि हिमाचल के विकास की गति नहीं रुकेगी। सभी विभाग में भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी। मंत्रिमंडल ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों का महंगाई भत्ता व एरियर फ्रीज नहीं किया गया है। साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया कि ओपीएस बंद नहीं होगी। हिमकेयर, सहारा और एमआईएस योजनाएं बंद नहीं होंगी। महिला होमगार्ड को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आने वाले बजट सत्र के दौरान दिए जाने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल की बैठक में तय किया गया कि बजट मार्च में पेश किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि आरडीजी बंद होने के बाद नया बजट बनाने में समय लग रहा है। पहले सत्र में 16 से 18 फरवरी तक बजट सत्र होगा।
सुख शिक्षा योजना में होगा बदलाव
मंत्रिमंडल ने टोल टैक्स बैरियर और आबकारी नीति 2026-27 को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना में संशोधन को स्वीकृति दी, जिसके तहत विधवाओं की बेटियों को राज्य के भीतर व बाहर स्थित सरकारी संस्थानों में व्यावसायिक पाठयक्रमों की पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। छात्रावास सुविधा उपलब्ध न होने की स्थिति में उन्हें 3,000 रुपए प्रतिमाह किराया सहायता भी प्रदान की जाएगी।
दिव्यांगों को शादी के लिए ग्रांट बढ़ाई
मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना को लागू करने की मंजूरी दी। इसका उद्देश्य छह वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार करना है, जिसके लिए उन्नत पूरक पोषण उपलब्ध करवाया जाएगा। मंत्रिमंडल ने दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह अनुदान में वृद्धि करने का भी निर्णय लिया। 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए सहायता राशि 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है, जबकि 40 से 70 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को 25,000 रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
शिक्षकों के 600 पद भरे जाएंगे
मंत्रिमंडल ने प्रस्तावित सीबीएसई स्कूलों के लिए कुल 600 पदों (संस्कृत शिक्षक, शारीरिक शिक्षा शिक्षक, संगीत शिक्षक व ड्राइंग शिक्षक प्रत्येक के 150 पद) के सृजन को स्वीकृति दी। इन पदों को राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरा जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य भर में 31 बालक एवं बालिका विद्यालयों को सह-शिक्षा विद्यालयों में विलय करने का निर्णय लिया गया।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनेंगे आधुनिक
मंत्रिमंडल ने चिकित्सा महाविद्यालयों, सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों व आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए 1,617.40 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करना तथा सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करवाना है ताकि मरीजों को उपचार के लिए राज्य के बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े। इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल ने कमला नेहरू अस्पताल शिमला के मातृ एवं शिशु अस्पताल, सुंदरनगर व नूरपुर के नागरिक अस्पतालों, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, नागरिक अस्पताल भोरंज के 50 बिस्तर क्षमता के क्रिटिकल केयर ब्लॉक तथा क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर स्थित जिला एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला के लिए आधुनिक उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी।

मेडिकल कॉलेज नाहन में बनेंगे दो और विभाग
मंत्रिमंडल ने डॉ. वाईएस परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन में इम्यूनोहेमेटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग की स्थापना तथा आवश्यक पदों का सृजन कर भरने की स्वीकृति दी। राज्य के सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमेडिकल उपकरण प्रबंधन एवं अनुरक्षण कार्यक्रम लागू करने को भी मंजूरी दी गई, जिससे चिकित्सा उपकरणों का नियमित रख-रखाव, रोगी सुरक्षा में वृद्धि, उपकरणों की खराबी की रोकथाम तथा अस्पतालों का सुचारु संचालन सुनिश्चित होगा।
असिस्टेंट स्टाफ नर्स के पदों को भरने की मंजूरी
मंत्रिमंडल ने भर्ती निदेशालय में पृथक संवर्ग के रूप में कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के 190 व कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के 151 पदों के सृजन कर भरने को मंजूरी दी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में फार्मेसी अधिकारी के 40 पदों को भरने की स्वीकृति दी गई। स्वास्थ्य विभाग में सहायक स्टाफ नर्स के 150 पद भरने का निर्णय लिया गया।
इन पदों को भरा जाएगा
मंत्रिमंडल ने नूरपुर, बद्दी एवं ऊना में औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना तथा विभिन्न श्रेणियों के 36 पदों के सृजित कर भरने को भी मंजूरी दी। स्वास्थ्य विभाग में रेडियोग्राफर के 30 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग में फूड सेफ्टी ऑफिसर के 10 पदों के सृजन एवं भरने को मंजूरी दी गई। प्रदेश उच्च न्यायालय रजिस्ट्री में सफाई कर्मचारी के 8 पद भरने का निर्णय लिया गया। सैनिक कल्याण विभाग में वेलफेयर ऑर्गेनाइजर के 5 पद भरने को भी स्वीकृति दी गई। राजस्व विभाग में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के 3 पदों के सृजन एवं भरने को मंजूरी दी गई।
777 और स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम प्रोजेक्ट
मंत्रिमंडल ने राज्य के 777 अतिरिक्त विद्यालयों में डिजिटल क्लासरूम परियोजना लागू करने की स्वीकृति दी। मंत्रिमंडल ने सिरमौर जिले में नाहन, शिलाई, पांवटा साहिब, संगड़ाह, राजगढ़ एवं सराहां लोक निर्माण विभाग मंडलों का विधानसभा क्षेत्रों के अनुरूप पुनर्गठन करने का निर्णय लिया। शिमला जिले के पशु चिकित्सालय कोटखाई को उपमंडलीय पशु चिकित्सालय में स्तरोन्नत करने तथा आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने को मंजूरी दी गई।
रोड ड्रेनेज पॉलिसी को मंजूरी
बरसात के दौरान सड़कों पर जलभराव और भूमि कटाव की समस्या को रोकने के लिए कैबिनेट ने रोड ड्रेनेज पॉलिसी को मंजूरी दी है। इसके तहत सड़कों से वर्षा जल की त्वरित निकासी सुनिश्चित करना, ढलानों को सुरक्षित बनाना और सड़क संरचना को लंबे समय तक टिकाऊ रखना है। कैबिनेट की बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने इस पर प्रस्तुति दी।पॉलिसी के तहत नई सड़कों के निर्माण में वैज्ञानिक ढंग से नालियों, क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाओं, कल्वर्ट और रिटेनिंग वॉल का प्रावधान अनिवार्य किया जाएगा। वहीं, पुरानी सड़कों की नियमित सफाई और क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी जाएगी। बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और मरम्मत पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी घटेगा। कैबिनेट ने राज्य भर में बिटुमिन और फ्लेक्सिबल पेवमेंट सरफेस पर गड्ढे भरने और मरम्मत के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) को भी मंज़ूरी दी।
डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना
मंत्रिमंडल ने बिलासपुर जिले के लुहणू खेल छात्रावास की बिस्तर क्षमता 80 से बढ़ाकर 100 करने को भी स्वीकृति दी। चंबा जिले में डिस्टिल ग्लोबल स्किल्स एवं डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उप समिति के गठन को मंजूरी दी गई। यह हिमाचल प्रदेश राज्य लॉटरी (विनियमन) नियम, 2026 का प्रारुप तैयार करेगी। नगर नियोजन, आवास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी कमेटी के सदस्य होंगे। निदेशक, कोषागार एवं लेखा इस समिति के सदस्य सचिव होंगे। मंत्रिमंडल ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौपाल में बालकों के लिए वॉलीबॉल खेल छात्रावास खोलने का निर्णय लिया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शिलाई में बालिकाओं के लिए कबड्डी खेल छात्रावास खोलने को भी मंजूरी दी गई। ठाकुर राम लाल बालिका खेल छात्रावास जुब्बल में बालिकाओं के लिए बॉक्सिंग खेल शुरू करने को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त बिलासपुर जिले के मोरसिंघी में हैंडबॉल खेल छात्रावास स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया।



