सुक्खू सरकार पर बरसे विश्व चक्षु, कहा,’नींव’ से ही भागी कांग्रेस!
CM सुक्खू को जनता के बीच जाने का डर, पहले टालते रहे चुनाव
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने साफ ऐलान किया है कि कांग्रेस पार्टी आगामी पंचायत चुनावों में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने सभी विधायकों को निर्देश दिए हैं कि वह इन चुनावों में किसी भी स्तर पर भागीदारी न करें। इससे पहले मुख्यमंत्री सुक्खू ने जनता के बीच जाने के डर से पंचायत चुनाव टालने का हर प्रयास किया था, जिस पर न्यायपालिका के आदेशों पर भी आनाकानी और आरक्षण रोस्टर पर अपनी मनमर्जी व छेड़छाड़ जारी रखी, जिसे भी कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। इसके बाद अब हार के डर से सीधे सीएम जनता व पंचायत चुनाव से भागने का ऐलान कर बैठे हैं। इस फैसले के सामने आते ही सियासी पारा चढ़ गया है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी विश्व चक्षु ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह फैसला “सीधी-सीधी हार का डर” दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पंचायत लोकतंत्र की बुनियाद होती है और इसी स्तर से जनता का मूड समझ आता है। “अगर नींव से ही भागेंगे, तो ऊपर की राजनीति कैसे टिकेगी?” इस बयान के साथ उन्होंने कांग्रेस की रणनीति पर सवाल खड़े किए।
विश्व चक्षु ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को पहले से ही अपनी संभावित हार का अंदेशा है, इसलिए उसने “बिना लड़े ही मैदान छोड़ने” का रास्ता चुना है। उन्होंने इसे “राजनीतिक फजीहत से बचने की कोशिश” बताया। इस मुद्दे पर अब बड़ा राजनीतिक सवाल खड़ा हो गया है कि क्या कांग्रेस भविष्य में भी इसी रणनीति पर चलेगी? क्या विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी ऐसा ही रुख अपनाया जाएगा, या यह सिर्फ पंचायत स्तर तक सीमित निर्णय है?
फिलहाल, पंचायत चुनावों से दूरी बनाकर कांग्रेस ने जहां एक तरफ नई रणनीति का संकेत दिया है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष को बड़ा हमला करने का मौका भी दे दिया है। हिमाचल की सियासत में यह फैसला आने वाले समय में बड़ा असर डाल सकता है।



