धर्मशाला।
साल 2026 के चुनाव में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग हुई है। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन- वोटर टर्नआउट एप पर रात आठ बजे तक जारी आंकड़ों के मुताबिक बंगाल में 92 फीसदी से अधिक, जबकि तमिलनाडु में 85 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया है।
बंगाल और तमिलनाडु में मतदान समाप्त होने के बाद देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के प्रत्येक मतदाता को सलाम करता है।
पहले चरण के मतदान में पश्चिम बंगाल में 91.40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। वहीं, वहीं तमिलनाडु में भी 84.35 प्रतिशत वोटिंग हुई है। निर्वाचन आयोग की तरफ से अंतिम और आधिकारिक आंकड़े जारी होने के बाद मतदान प्रतिशत बढ़ सकते हैं। तमिलनाडु में 2011 का रिकॉर्ड टूटा है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के बीच हिंसा की बड़ी खबर है। बीरभूम जिले के दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया है। यहां तैनात सीआरपीएफ के जवानों पर स्थानीय लोगों ने अचानक पथराव कर दिया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया है। यह हिंसक घटना दुबराजपुर के खैरासोल घुमर गांव में हुई है। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए यहां सीआरपीएफ जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसी दौरान अचानक कुछ लोगों ने जवानों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में लिया गया है।
पश्चिम बंगाल के मालदा में मतदान के दौरान हिंसा की घटना सामने आई है। यहां की चांचल विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रतन दास के पोलिंग एजेंट लक्ष्मण पांडेय पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर हमला कर दिया है। इस दौरान उनकी गाड़ी में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। हमले का शिकार हुए लक्ष्मण पांडेय ने बताया कि जब वह पोलिंग बूथ की तरफ जा रहे थे, तभी टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और हमला किया। पांडेय ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि टीएमसी के लोग करीब 150 से 200 मतदाताओं को वोट डालने से रोक रहे थे।



