आदेश: चुनाव क्षेत्र में मंत्री और विधायक के साथ नहीं जा सकेंगे सरकारी कर्मी
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी डीसी को जारी किए निर्देश, सरकारी दफ्तरों में होर्डिंग पर प्रतिबंध
धर्मशाला।
हिमाचल के 51 शहरी निकायों में 17 मई को होने वाले चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मंत्रियों और विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों के दौरों के दौरान किसी भी सरकारी कर्मचारी को साथ ले जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी । इस संबंध में सभी उपायुक्तों को विस्तृत निर्देश भेजे गए हैं।
निर्देशों के अनुसार, चुनाव प्रचार या दौरे के दौरान सरकारी वाहनों का इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहेगा। सरकारी कार्यालयों और परिसरों में किसी भी प्रकार के चुनावी होर्डिंग या प्रचार सामग्री लगाने की अनुमति नहीं होगी। आयोग का मानना है कि सरकारी संसाधनों का उपयोग चुनावी लाभ के लिए नहीं होना चाहिए और इस पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्देश में कहा गया है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी के परिवार का सदस्य चुनाव में उम्मीदवार है, तो संबंधित कर्मचारी को निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक अपने ‘मुख्यालय में ही रहना होगा। ऐसे कर्मचारी अवकाश पर नहीं जा सकेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी कर्मचारी अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव को प्रभावित न कर सके। मतदाताओं की पहचान को लेकर भी आयोग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। मतदाताओं को दी जाने वाली पहचान पर्ची केवल सादे सफेद कागज पर होगी। यदि किसी पर्ची पर किसी उम्मीदवार का चुनाव चिह्न या प्रचार सामग्री पाई जाती है, तो नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चुनावी प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों के शिविर मतदान केंद्रों से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर ही लगाए जा सकेंगे। मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने और वापस ले जाने के लिए किसी भी प्रकार के वाहन या परिवहन सुविधा का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। आयोग ने उपायुक्तों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। किसी भी प्रकार के उल्लंघन की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निर्देशों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रूप से संपन्न हो और मतदाता बिना किसी दबाव या प्रलोभन के मताधिकार का प्रयोग कर सकें। -सुरजीत सिंह राठौर, सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग
ध्यान देने वाली बातें
– मतदाताओं से जाति, धर्म, मूलवंश समुदाय या भाषा के आधार पर अपील नहीं की जा सकेगी।
– रैली करने से पहले पुलिस को सूचना देना अनिवार्य
– राजनैतिक आलोचना नीतियों, कार्यक्रमों, पूर्व इतिहास और कार्य तक ही सीमित रहेगी।
– मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर आदि का उपयोग निर्वाचन प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं होगा।
– कोई भी ऐसा समाचार प्रकाशित न हो, जो पेड न्यूज की परिधि में आता हो।
– लाउडस्पीकर का प्रयोग सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक रहेगा।
– कर्मचारियों के स्थानांतरण व पदोन्नति पर पाबंदी।
– प्रदर्शन व रैली करने से पहले पुलिस को सूचना देना अनिवार्य।
– चुनाव के दौरान किसी भी तरह का प्रलोभन नहीं दिया जा सकेगा।
– सार्वजनिक निधियों से सहायता के लिए नए लाभार्थियों का चयन नहीं होगा।



