यह देश के लिए ‘आतंकवाद’ से भी बड़ा खतरा बन गया : राजेंद्र राणा
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा, हिमाचल में भी NCB का क्षेत्रीय कार्यालय खोले सरकार
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार और युवाओं पर उसके दुष्प्रभाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने प्रेस वार्ता में कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि देश के भविष्य और युवा पीढ़ी से जुड़ा सबसे बड़ा संकट बन चुका है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2029 तक ‘नशा मुक्त भारत’ के लिए तैयार किए गए रोडमैप को हिमाचल में भी प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की।
राजेंद्र राणा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 26 जून को हुई बैठक में सभी राज्यों के लिए नशा मुक्त भारत-2029 का रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इसे गंभीरता के साथ लागू करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि सिंथेटिक नशा और चिट्टा देश के लिए आतंकवाद से भी बड़ा खतरा बन गया है, क्योंकि यह सीधे युवाओं को निशाना बना रहा है और परिवारों को बर्बाद कर रहा है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या सरकार के भरोसे नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज, परिवार, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और सभी राजनीतिक दलों को मिलकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाना होगा। भाजपा इस अभियान में पूरी मजबूती से भागीदारी निभाने को तैयार है।
भाजपा प्रवक्ता ने मांग उठाई कि हिमाचल प्रदेश में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) का क्षेत्रीय कार्यालय अथवा विशेष इकाई स्थापित की जाए, ताकि अंतरराज्यीय स्तर पर हो रही नशे की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द ही इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन सौंपेगी।
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नशे से जुड़े मामलों में कुछ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम सामने आना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि यदि नशा रोकने वाले ही इसकी सप्लाई में शामिल पाए जाते हैं तो सरकार को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने नशा तस्करों की आर्थिक संपत्तियों को ध्वस्त करने और उनके नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई की मांग भी की।
उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं को अपराधी नहीं, बल्कि मरीज मानते हुए उनका पुनर्वास किया जाना चाहिए। ऐसे युवाओं को शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर मुख्यधारा में वापस लाने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से नशा मुक्त हिमाचल के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने और केंद्र के 2029 रोडमैप को पूरी गंभीरता से लागू करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पुलिस बल का उपयोग कानून-व्यवस्था से अधिक राजनीतिक मामलों में किया जा रहा है, जबकि उसे नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई में लगाया जाना चाहिए।


