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कांग्रेस को देशहित का त्याग नहीं, केवल परिवार की राजनीति समझ आती है : राकेश जमवाल

कांग्रेस में परिवार के सम्मान के लिए इस्तीफे, भाजपा में राष्ट्रहित के लिए त्याग

धर्मशाला।

हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर दिए गए ‘एक विकेट गिरा है, अभी और विकेट गिरेंगे’ बयान पर तीखा पलटवार करते हुए भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर के विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को राष्ट्रहित में लिए गए निर्णयों का मजाक उड़ाने से पहले अपने राजनीतिक चरित्र का आत्ममंथन करना चाहिए। भाजपा में यदि कोई नेता नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ता है तो वह राष्ट्र और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखकर निर्णय लेता है, जबकि कांग्रेस का इतिहास बताता है कि वहां इस्तीफे भी देशहित में नहीं, बल्कि परिवारहित और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के लिए दिए जाते रहे हैं।

राकेश जमवाल ने कहा कि हिमाचल की जनता ने स्वयं देखा है कि कांग्रेस के एक नेता ने अपने पिता की प्रतिमा के लिए मनचाहा स्थान न मिलने पर मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और जैसे ही उनकी मांग पूरी हुई, इस्तीफा वापस भी ले लिया। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस में इस्तीफे राष्ट्रहित के लिए नहीं, बल्कि परिवार की प्रतिष्ठा और राजनीतिक स्वार्थ के लिए दिए जाते हैं। दूसरी ओर भाजपा में पद नहीं, बल्कि राष्ट्र सर्वोपरि होता है।

जमवाल ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा की राजनीति में यही मूलभूत अंतर है। भाजपा में पद सेवा का माध्यम है, लक्ष्य नहीं। यदि किसी विषय पर नैतिक जिम्मेदारी लेने की आवश्यकता होती है तो भाजपा नेतृत्व उससे पीछे नहीं हटता, जबकि कांग्रेस में राजनीतिक फैसलों का केंद्र अक्सर परिवार और वंशवाद ही रहा है।

जमवाल ने कहा कि कांग्रेस के मंत्री आज ‘एक विकेट गिरा’ जैसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन यदि वास्तव में नैतिकता के आधार पर इस्तीफों की बात हो तो हिमाचल सरकार के कई मंत्री अब तक पद पर क्यों बने हुए हैं? पेपर लीक, आर्थिक कुप्रबंधन, बढ़ता कर्ज, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, विकास कार्यों की धीमी गति और जनता से किए गए वादों को पूरा न कर पाने की नैतिक जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?

जनता महंगाई, बेरोजगारी और अव्यवस्था से परेशान
जमवाल ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को दूसरों के इस्तीफों पर राजनीतिक उत्सव मनाने के बजाय प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति, ठप पड़े विकास कार्यों और जनता की समस्याओं का जवाब देना चाहिए। जनता आज महंगाई, बेरोजगारी और अव्यवस्था से परेशान है, लेकिन सरकार के मंत्री केवल बयानबाजी में व्यस्त हैं। राकेश जमवाल ने कहा कि भाजपा की कार्यसंस्कृति राष्ट्र प्रथम, संगठन द्वितीय और व्यक्ति अंतिम के सिद्धांत पर आधारित है। यही कारण है कि भाजपा में पद से अधिक महत्व देश, लोकतंत्र और जनता के विश्वास का होता है। कांग्रेस इस सोच को कभी समझ ही नहीं सकती, क्योंकि वहां राजनीति का केंद्र राष्ट्र नहीं, बल्कि एक परिवार रहा है।

जमवाल ने कहा कि हिमाचल की जनता कांग्रेस की कथनी और करनी का अंतर भली-भांति समझ चुकी है। जो लोग परिवार के सम्मान के लिए इस्तीफा देने को राजनीति का आदर्श मानते हैं, वे राष्ट्रहित में किए गए त्याग का मूल्य कभी नहीं समझ सकते। आने वाले समय में जनता कांग्रेस को उसकी इसी राजनीति का लोकतांत्रिक जवाब देगी।

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