सावधान! ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लाखों डकारने वाला जालसाज गिरफ्तार, खंडवा पुलिस ने झाबुआ से दबोचा
खंडवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: झाबुआ का आकाश भूरिया गिरफ्तार
खंडवा।
मध्य प्रदेश की खंडवा पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर मासूम लोगों को डराने और उनसे मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए झाबुआ जिले से एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर एक व्यक्ति से लाखों रुपये ठग लिए थे।
जानकारी के अनुसार फरियादी श्रवण कुमार ने थाना मोघट रोड में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर ठगों ने उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाया। आरोपी ने डरा-धमकाकर श्रवण कुमार के बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 3,04,999 रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 319(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
साइबर सेल की मदद से बिछाया जाल
विवेचना के दौरान खंडवा साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन का बारीकी से विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि ठगी गई राशि झाबुआ जिले के ग्राम नरवालिया निवासी आकाश उर्फ हावसिंह (26 वर्ष), पिता गुलचंद भूरिया के खाते में पहुंची है। पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी आकाश को धर दबोचा। आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने में थाना प्रभारी विकास खिची, उपनिरीक्षक सुभाष नावड़े, और प्रधान आरक्षक शेखर गुप्ता की मुख्य भूमिका रही। वहीं, साइबर सेल से प्रधान आरक्षक जितेन्द्र राठौर, विक्रम वर्मा और आरक्षक उदय सिंह ने तकनीकी साक्ष्य जुटाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी बदौलत आरोपी कानून के शिकंजे में आया।
जनता से अपील
खंडवा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। यदि कोई आपको फोन पर डराकर पैसे की मांग करे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।
खंडवा से संवाददाता भारत गौड़ की रिपोर्ट



