सुधीर शर्मा की दो-टूक: ‘जांच से नहीं डरता, लेकिन प्रतिशोध की राजनीति से जनता की आवाज नहीं दबेगी’
धर्मशाला।
पूर्व मंत्री और धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दर्ज प्राथमिकी (FIR No. 0006/2026) के मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए प्रदेश सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला है। सुधीर शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 35 के तहत जारी नोटिस का विस्तृत जवाब देते हुए कहा कि वह जांच में पूर्ण सहयोग कर रहे हैं और अपने बैंक खातों, डीमैट रिकॉर्ड, निवेश और संपत्तियों का पूरा ब्यौरा दस्तावेजों सहित विभाग को सौंप रहे हैं।
‘सब कुछ सार्वजनिक, फिर छिपाने का सवाल ही कहां?’
सुधीर शर्मा ने कहा कि उनकी ओर से न कोई संपत्ति छिपाई गई है और न ही कोई वित्तीय लेनदेन गुप्त रखा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनावी हलफनामे और सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में सब कुछ सार्वजनिक है, तो कोई राजनेता अपनी संपत्ति कैसे छिपा सकता है? उन्होंने जांच एजेंसी को चुनौती देते हुए कहा, “यदि मुझ पर संपत्ति छिपाने का आरोप है, तो विभाग उस विशिष्ट संपत्ति की पहचान करे और रिकॉर्ड सामने रखे। बिना प्रमाण के आरोप लगाना केवल मेरी सार्वजनिक छवि को धूमिल करने का एक राजनीतिक प्रयास है।”

बिना पूछे भी दिया ₹14.50 लाख का हिसाब
अपनी ईमानदारी का प्रमाण देते हुए सुधीर शर्मा ने बताया कि उन्होंने सतर्कता विभाग को न केवल मांगी गई जानकारी दी, बल्कि उस लेनदेन का ब्यौरा भी स्वयं ही उपलब्ध कराया जिसके बारे में नोटिस में पूछा तक नहीं गया था। उन्होंने बताया कि बीड़ निवासी श्री अनुराग शर्मा को ₹14.50 लाख में बेची गई संपत्ति का पूरा विवरण उन्होंने खुद साझा किया है। इसके अतिरिक्त, बैजनाथ में अपनी पैतृक भूमि की ₹74.07 लाख की बिक्री के विधिवत पंजीकृत दस्तावेज भी विभाग को सौंप दिए गए हैं।
‘जांच निष्पक्ष हो, चयनात्मक नहीं’
विधायक सुधीर शर्मा ने स्पष्ट किया कि उन्हें कानूनसम्मत जांच से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जांच का ‘चयनात्मक’ होना चिंताजनक है। सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के राजनीतिक दबाव में केवल विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि जांच का मापदंड सभी के लिए समान होना चाहिए और इसे केवल राजनीतिक विरोधियों को दबाने का हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।

दमनकारी नीति के खिलाफ बुलंद रहेगी जनता की आवाज
सुधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस समय ‘प्रतिशोध की राजनीति’ चल रही है। उन्होंने कहा कि मुकदमों और जांच एजेंसियों के जरिए मेरी आवाज को दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी। मैं धर्मशाला और प्रदेश की जनता के मुद्दों को उठाता रहा हूं और आगे भी उठाता रहूंगा। सत्ता का डर दिखाकर मुझे खामोश नहीं किया जा सकता।
सुधीर शर्मा ने अंत में विश्वास जताया कि सत्य की जीत होगी। उन्होंने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड ही सच और झूठ का फैसला करेंगे और प्रदेश की जनता समय आने पर इस दमनकारी कार्यप्रणाली का लोकतांत्रिक जवाब जरूर देगी।



