अटल टिंकरिंग लैब को नियमित रूप से उपयोग में लाने के निर्देश
लैब स्थापना के साथ ही फर्म ने शिक्षकों को दी ट्रेनिंग, उपकरण ख़राब होने पर रिपेयर का भी है प्रावधान
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश के जिन स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित हैं, वहां उन्हें बच्चों के लिए नियमित रूप से उपयोग में लाने के निर्देश दिए गए हैं। लैब के लिए उचित कमरे और आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों के लिए विभिन्न गतिविधियों के आयोजन पर भी जोर दिया जा रहा है। पीएम श्री स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत को नीड-बेस्ड आधार पर लिया गया है। लैब स्थापना के साथ ही फर्म ने शिक्षकों को ट्रेनिंग डी है। साथ ही लैब के उपकरण ख़राब होने पर रिपेयर का भी प्रावधान है। इन लैब्स के माध्यम से विद्यार्थियों को इनोवेशन और विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
बताते चलें कि प्रदेश स्तर के अधिकारिओं द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान कुछ एक स्कूलों जिनमें अटल टिंकरिंग लैब स्थापित थी, लेकिन उनका संचालन नहीं हो रहा था, जिस पर संज्ञान लेकर संबंधित स्कूलों को लैब को उपयोग में लाने के निर्देश दिए गए हैं। स्टेट कोऑर्डिनेटर, पीएम श्री, समग्र शिक्षा, हिमाचल प्रदेश रवींद्र सिंह ने बताया कि कांगड़ा और चंबा के स्कूल लीडर्स से विद्यालयों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है। समग्र शिक्षा और पीएम श्री योजना के माध्यम से स्कूलों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाने पर काम किया जा रहा है।
प्रदेश में 138 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित
रवींद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश के पीएम श्री स्कूलों में 138 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की गई हैं। इन लैब्स के माध्यम से विद्यार्थियों को इनोवेशन और विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कई शिक्षकों को इसकी ट्रेनिंग दी जा चुकी है, जो विद्यार्थियों को आगे प्रशिक्षण दे रहे हैं।
नए शिक्षकों को भी मिलेगी ट्रेनिंग
रवींद्र सिंह ने कहा कि लैब स्थापित करने वाली फर्म की ओर से स्थापना के साथ ही शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया गया था। नए शिक्षकों के स्कूल में आने या शिक्षकों के तबादले के बाद उन्हें भी आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग के अन्य गतिविधियों के बारे में भी शिक्षकों और विद्यार्थियों को जानकारी दी जाएगी।



