राजनीतिहिमाचल प्रदेश

चार वर्षों से विकास में पिछड़े हिमाचल को डबल इंजन सरकार की जरूरत : जयराम ठाकुर

रोहड़ू में पूर्व की भाजपा सरकार में 600 करोड़ के विकास कार्य करवाए, सुक्खू सरकार ने सिर्फ ठगने का काम किया

रोहड़ू/ शिमला।

रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में आयोजित नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह एवं कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं और मुख्यमंत्री केवल अपनी कुर्सी बचाने के लिए दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं, जबकि बेहिसाब कर्ज के कारण प्रदेश पर ऋण का बोझ बढ़कर 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विकास कार्यों पर पूरी तरह विराम लगाकर और जनहितकारी संस्थानों पर तालाबंदी करके सुक्खू सरकार अब पूरी तरह से ‘लॉक प्रिय’ और ‘लोनप्रिय’ बनकर रह गई है। कांग्रेस ने अपने कुप्रबंधन से इन चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश को विकास के मामले में चार दशक पीछे धकेल दिया है और हर विभाग में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी छवि सुधारने और विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये फूंक रहे हैं, लेकिन जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है, जिसका प्रमाण हाल ही में संपन्न पंचायत चुनाव हैं जहाँ प्रदेश सरकार की प्रशासनिक मशीनरी होने के बावजूद कांग्रेस अपने जनप्रतिनिधियों को नहीं जीता सकी। जिस नेता के नाम पर कांग्रेस लगातार रोहड़ू का चुनाव जीतती रही, अब उन्हें भी भुला दिया गया। उनका नाम लेने से भी कांग्रेस की वर्तमान लीडरशिप परहेज कर रही है। जनसभा के उत्साह से साफ़ है कि अब रोहड़ू के लोग भी कांग्रेस के नाम से परहेज करेंगे। आने वाले समय में रोहड़ू से भाजपा प्रचंड वोटों से जीतेगी।

जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश को आज एक बार फिर से ‘डबल इंजन सरकार’ की सख्त ज़रूरत है ताकि विकास को गति दी जा सके। वर्तमान में प्रदेश में जो भी विकास का बड़ा काम हो रहा है, वह केवल केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा भेजी जा रही योजनाओं और बजट के माध्यम से हो रहा है, जिसमें फोरलेन सड़कों के जाल से लेकर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए मिलने वाले अरबों रुपये शामिल हैं। केंद्र से प्रदेश को हर साल करोड़ों रुपये की वित्तीय मदद मिल रही है, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू इस बजट को विकास या आपदा राहत में खर्च करने के बजाय अपने मित्रों के घर भरने और अपनी सरकार बचाने में लगा रहे हैं। सरकार केवल मंत्रियों के बजाए ‘मित्रों’ द्वारा चलाई जा रही है।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि सुक्खू सरकार ने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई अत्यंत लोकप्रिय और जनहितकारी योजनाओं जैसे जनमंच, हिमकेयर, सहारा और स्वावलंबन योजना को केवल राजनीतिक द्वेष के कारण बंद कर दिया या उनके बजट को रोक दिया है, जिससे आम जनता को भारी नुकसान पहुंचा है। खुद कोई नई योजना शुरू न कर पाने वाली यह सरकार केवल हमारे समय की जनहितकारी योजनाओं को बंद करने पर तुली है। मुख्यमंत्री को चार सालों तक दुर्गम और दूरदराज के इलाकों की याद नहीं आई और जब पंचायत चुनावों में सूपड़ा साफ हो गया, तो अब वे भागदौड़ करने लगे हैं, जबकि भरमौर जैसे कई ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ मुख्यमंत्री पिछले चार वर्षों में एक बार भी नहीं गए। पहाड़ का दर्द केवल वही व्यक्ति समझ सकता है जिसने यहाँ के पहाड़ चढ़े और उतरे हों।

पूर्व भाजपा सरकार के दौरान मात्र 19,600 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था, लेकिन वर्तमान सुक्खू सरकार ने बेहद कम समय में कर्ज का आंकड़ा 69 हज़ार करोड़ से बढ़ाकर 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये पहुंचा दिया है, जो कि पिछली छह सरकारों द्वारा लिए गए कुल कर्ज से भी अधिक है। पंचायत चुनावों को रोकने के लिए सरकार ने एड़ी-चोटी का जोर लगाया, लेकिन भाजपा द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी गई लड़ाई के बाद लोकतंत्र और जनता की जीत हुई, जिसने सुक्खू सरकार के प्रति जनाक्रोश को उजागर कर दिया है। चुनावों के समय झूठी गारंटियां देकर वोट चुराने वाली कांग्रेस जब पुरानी गारंटियां पूरी नहीं कर पाई, तो अब जिलों के नए गठन जैसी नई भ्रामक बातें कर रही है। कांग्रेस के भीतर अंदरूनी कलह और गुटबाज़ी चरम पर है, ये आपके रोहड़ू, रामपुर दौरे पर ही स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भारत विश्व अर्थव्यवस्था में 11वें स्थान पर था, जो आज मोदी जी के नेतृत्व में छलांग लगाकर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, और कश्मीर में भी शांति तथा कानून का राज स्थापित हुआ है। रोहड़ू में भाजपा कार्यकाल के दौरान 2017 से 2022 तक 600 करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए थे और आजकल आप देख ही रहे हैं कि कितनी अनदेखी इन इलाकों के साथ हो रही है।

उन्होंने कहा कि शिमला जिला परिषद पर 26 वर्षों के बाद भाजपा का परचम लहराने तथा कार्यकर्ताओं के अभूतपूर्व उत्साह से यह तय है कि आगामी विधानसभा चुनावों में रोहड़ू सहित पूरे हिमाचल की जनता कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर भाजपा को प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लाएगी। इस गरिमामय अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, सांसद सुरेश कश्यप, विधायक चौपाल बलबीर वर्मा, पूर्व विधायक खुशी राम बालनाहटा, पूर्व प्रत्याशी शशिबाला सहित अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता, कार्यकर्ता और नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

‘उनकी बातें झूठ का पुलिंदा बनकर रह गई’
मुख्यमंत्री की बात पत्थर की लकीर होनी चाहिए, लेकिन उनकी बातें झूठ का पुलिंदा बनकर रह गई हैं। वह सिर्फ़ झूठ बोलते हैं या सिर्फ आधा सच। उन्होंने यह नहीं बताया कि पूर्व की भाजपा सरकार में लोन का पेआउट रेट 95% था। सुक्खू सरकार का लोन पेआउट रेट 50% के आस-पास है। स्वर्गीय वीरभद्र सिंह सरकार का लोन पेआउट रेट भी 60% के आस पास ही था। सत्ता में आने के बाद के पहले साढ़े तीन महीने में सरकार ने 6897 करोड़ लोन लिया था। जो ऐतिहासिक है। यानी औसतन हर दिन लगभग ₹63 करोड़ और हर महीने लगभग ₹1,881 करोड़ रुपए का कर्ज लिया। यह लोन भी मुख्यमंत्री भाजपा के खाते में डालते हैं। यह बातें हम हवा में नहीं कह रहे हैं, यह उन्होंने विधान सभा में बताई हैं।

सुक्खू जी यह बताएं जब वह एक साल बाद सत्ता से जाएंगे तो हिमाचल पर कितना क़र्ज़ छोड़कर जाएंगे? हकीकत यह है कि जितना लोन हिमाचल की 6 सरकारों ने मिल कर लिया लगभग उतना लोन सुक्खू ने चार साल में ले लिया। जहां सरकारें विकास और मुख्यमंत्री लोकप्रिय होते हैं, वहां हिमाचल में मुख्यमंत्री लॉक प्रिय और लोन प्रिय हो गए हैं।

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