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सुक्खू सरकार की सुस्ती से बल्क ड्रग पार्क परियोजना में देरी, प्रदेश को नुकसान : जयराम

कहा, भाजपा सरकार की पहल से मिला था हिमाचल को बल्क ड्रग पार्क, कांग्रेस सरकार ने धीमी कर दी निर्माण प्रक्रिया

ऊना।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार की उदासीनता और धीमी कार्यशैली के कारण हरोली में बन रहा बल्क ड्रग पार्क परियोजना तय गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है, जिससे प्रदेश को आर्थिक और औद्योगिक स्तर पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर समयबद्ध ढंग से काम किया गया होता तो प्रदेश को निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के बड़े अवसर अब तक प्राप्त हो चुके होते।

जयराम ठाकुर ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सर्वाधिक लम्बे कार्यकाल के रिकॉर्ड बनाने के अवसर पर जिला ऊना के हरोली में निर्माणाधीन बल्क ड्रग पार्क का स्थानीय नेताओं और पदाधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोविड काल के दौरान जब दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की आपूर्ति के मामले में चीन पर अत्यधिक निर्भरता की समस्या सामने आई थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश को दवा निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से तीन बल्क ड्रग पार्क स्थापित करने का निर्णय लिया था।

जयराम ठाकुर ने कहा कि कड़ी और प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के बाद तत्कालीन भाजपा सरकार हिमाचल प्रदेश के लिए बल्क ड्रग पार्क स्वीकृत करवाने में सफल रही थी। इस परियोजना का शिलान्यास भी प्रधानमंत्री की उपस्थिति में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हुआ था। यह परियोजना प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने वाली योजना थी।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद इस परियोजना को जिस प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए था, वह नहीं दी गई। निर्माण कार्य की गति धीमी होने के कारण परियोजना का लाभ प्रदेश को समय पर नहीं मिल पाया। आज भी परियोजना से जुड़े अनेक कार्य लंबित हैं, जबकि इसे प्रदेश के विकास के लिए मिशन मोड में पूरा किया जाना चाहिए था।

जयराम ठाकुर ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के पूर्ण होने से न केवल ऊना जिला बल्कि पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। फार्मा हब के रूप में स्थापित हिमाचल प्रदेश को दवा निर्माण में प्रयुक्त कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, उत्पादन लागत कम होगी और प्रदेश के युवाओं को हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में विकसित किए जा रहे बल्क ड्रग पार्कों की प्रगति अधिक तेज़ी से हुई है क्योंकि वहां की सरकारों ने इन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी। हिमाचल में भी सरकार को राजनीतिक सोच से ऊपर उठकर इस परियोजना को युद्धस्तर पर पूरा करना चाहिए ताकि प्रदेश के हितों की रक्षा हो सके और दवा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिल सके।

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