सांसद अनुराग शर्मा की केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय को दो टूक
कहा, 10 दिनों में कांगड़ा घाटी की बंद पड़ी रेल सेवाओं को बहाल नहीं किया गया तो होगा उग्र आंदोलन
धर्मशाला।
राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 10 दिनों के अंदर कांगड़ा घाटी की बंद पड़ी रेल सेवाओं को पूर्ण रूप से बहाल नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।
सांसद अनुराग शर्मा ने मंगलवार को जिला कांगड़ा के ज्वालामुखी रोड स्थित रानीताल स्टेशन पर रेल बहाली संघर्ष समिति की ओर से आयोजित रोष प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि 4 वर्षों से पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल मार्ग पर रेलगाड़ियों की आवाजाही ठप्प पड़ी है। ऐसे में क्षेत्र की जनता और स्थनीय व्यापारियों को अत्यधिक परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है।
अनुराग शर्मा ने हैरानी जताते हुए कहा कि रेल विभाग के कई निरीक्षक रेलवे ट्रैक, रेल डिब्बों और चक्की पुल निरीक्षण कर चुके हैं और इस रेल मार्ग पर रेलगाड़ियों की बहाली के लिए उपयुक्त बताया गया। बावजूद इसके रेलगाड़ियों को बहाल नहीं किया जा रहा है। अंग्रेजों के जमाने में मात्र 3 वर्षों के कार्यकाल में इस रेल मार्ग का निर्माण किया गया था जोकि समय के बीतने के साथ-साथ कांगड़ा और मंडी के लाखों लोगों के लिए यह रेल मार्ग यातायात का महत्वपूर्ण साधन बन गया। इतना नहीं नहीं हिमाचल प्रदेश का यह रेल मार्ग बाहरी प्रदेशों से आने वाले पर्यटकों और देवस्थानों को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए देश के अन्य रेल मार्ग को जोड़ता है।
अनुराग शर्मा ने कहा कि यदि पठानकोट की जनता को इस रेल मार्ग के संचालन से कोई दिक्कत है तो रेल विभाग वैकल्पिक व्यवस्था उत्पन्न करें न कि पठानकोट की बजाय डलहौजी रोड से रेल गाड़ियों के संचालन करवाने का निर्णय ले। अनुराग शर्मा ने रेलवे विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया कि अधिकारी इस बात को भी सुनिश्चित करें कि बरसात के बहाने रेल मार्ग को बंद न किया जाएं। रेलगाड़ियां बहाल न होने से सैंकडों ढाबा संचालकों और टैक्सी चालकों का भी रोजगार छिन गया है।


