वैश्विक संकट के बीच भारत की ऊंची उड़ान: अनुमानों को पछाड़ 7.8% पहुंची GDP की रफ्तार
धर्मशाला।
वैश्विक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर अपनी मजबूती का लोहा मनवाया है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी वित्तीय वर्ष 2024-25 (संशोधित संदर्भ) की पहली तिमाही के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा ने इसे देश की सुदृढ़ आर्थिक बुनियाद का प्रतीक बताया है।
हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रवक्तासंजय शर्मा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने न केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों, बल्कि घरेलू अनुमानों को भी पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने पहली तिमाही के लिए 7% विकास दर का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविक विकास दर 7.8% दर्ज की गई है। इसके साथ ही 10.3% की नॉमिनल GDP ग्रोथ और 8.2% की GVA वृद्धि यह प्रमाणित करती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का आर्थिक ढांचा आज हर झटके को सहने में सक्षम है।
आर्थिक मोर्चे पर भारत की बड़ी उपलब्धियां:
– आरबीआई के 7% के अनुमान के विपरीत 7.8% की विकास दर हासिल करना भारतीय बाजार के भीतर छिपी अदम्य ऊर्जा को दर्शाता है।
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल सप्लाई चेन में बाधाओं के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
- केंद्र सरकार के पूंजीगत व्यय में 18.6% की भारी बढ़ोतरी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 9.2% की दर से हुई वृद्धि ने औद्योगिक क्रांति और रोजगार सृजन के नए मार्ग प्रशस्त किए हैं।
भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ने एक बार फिर उन आलोचकों को करारा जवाब दिया है जो भारतीय अर्थव्यवस्था पर संदेह जता रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि निराशावादी एक बार फिर विफल हुए हैं। यह आंकड़े महज संख्या नहीं हैं, बल्कि यह देश के करोड़ों नागरिकों के परिश्रम और सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों का परिणाम हैं। भारत आज आर्थिक समृद्धि की एक ऐसी राह पर है, जहां से वह जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के संकल्प को सिद्ध करेगा।



