नेपाल त्रासदी: धर्मशाला में उमड़ा संवेदनाओं का सैलाब, कैंडल मार्च निकाल दी भावभीनी श्रद्धांजलि
धर्मशाला।
नेपाल में आई भीषण त्रासदी के जख्मों पर मरहम लगाने और दिवंगतों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए धर्मशाला की सड़कें संवेदनाओं से भर उठीं। हिमाचल गोरखा विकास परिषद के बैनर तले आयोजित एक विशाल कैंडल मार्च के जरिए स्थानीय लोगों ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया। यह शोक यात्रा दाड़ी बाईपास स्थित गोरखनाथ मंदिर से प्रारंभ होकर शहीद दुर्गामल्ल-दल बहादुर वाटिका तक पहुंची।
हाथों में जलती मोमबत्तियां और आंखों में नमी लिए सैकड़ों लोगों ने इस आपदा में असमय काल के गाल में समाए लोगों की आत्मा की शांति के लिए मौन रखा। इस दौरान न केवल मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई, बल्कि मलबे में दबे और लापता हुए लोगों के भी सकुशल मिलने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।
इस भावुक क्षण में धर्मशाला के पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष हरभजन सिंह चौधरी और कंड वार्ड के पार्षद अनोज विष्ट सहित गोरखा समुदाय के प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सम्मिलित हुए। एकजुट होकर समाज के हर वर्ग ने नेपाल के पीड़ितों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
इस अवसर पर पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी ने कहा कि संकट की इस भीषण घड़ी में पड़ोसी देश नेपाल के प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होना हमारा मानवीय और नैतिक दायित्व है। हम केवल शोक नहीं जता रहे, बल्कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्स्थापना के संकल्प के साथ एकजुट हैं। पूरा वातावरण ‘नेपाल के साथ हम’ की भावना से ओतप्रोत नजर आया। इस कैंडल मार्च ने यह संदेश दिया कि सरहदों के पार भी मानवता का दर्द एक समान है।



