अब फिरेंगे गौसदनों के दिन, जिला प्रशासन की पहल लाई रंग
कांगड़ा जिला में 24 गौसदन और 400 चार गौ अभ्यारण्य संचालित
धर्मशाला।
कांगड़ा जिला में गौसदनों के बेहतर संचालन में आम जनमानस की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त हेमराज बैरवा ने मंगलवार को डीसी आफिस के सभागार में गौ सेवा नारायण सेवा पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया। डीसी हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा जिला में 24 गौसदन और 400 चार गौ अभ्यारण्य संचालित किए जा रहे हैं इसमें करीब 1802 बेसहारा गौवंश को आश्रय दिया गया है। गौ सदनों का बेहतर संचालन सुनिश्चित हो, इसके लिए आम जनमानस गौ सेवा नारायण सेवा पोर्टल के माध्यम से अपना रचनात्मक आर्थिक सहयोग सुनिश्चित कर सकते हैं। डीसी बैरवा ने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त धनराशि के खर्च का वार्षिक विस्तृत ब्योरा भी पोर्टल पर उपलब्ध करवाया जाएगा ताकि धन राशि के खर्च को लेकर पारदर्शिता बनी रहे।
डीसी बैरवा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने गौसेवा आयोग द्वारा गौपाल योजना के अंतर्गत प्रति माह प्रदान की जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 700 रुपए से 1200 रुपए प्रतिमाह प्रति गौवंश बढ़ाया गया है। डीसी बैरवा ने आम जनमानस से भी इस पोर्टल के माध्यम से अपना सहयोग सुनिश्चित करने का आग्रह किया जिससे कांगड़ा जिला में गौसदनों का विस्तारीकरण भी सुनिश्चित किया जा सके। गौवंश को बेसहारा छोड़ना एक सामाजिक समस्या है तथा इसके समाधान के लिए सरकार कारगर कदम उठा रही है इसमें आम जनमानस को भी अपना सहयोग सुनिश्चित करना चाहिए।

डीसी बैरवा ने कहा कि कांगड़ा जिला में नए गौ-सदनों और गौ-अभ्यारण्यों को स्थापित करने का कार्य जारी है। कृषि विभाग की सहायता से गौ-सदनों और गौ-अभ्यारण्यों में बायोगैस प्लांट स्थापित करवाने का निर्णय लिया। पशुपालन विभाग द्वारा सभी गौ-सदनों और गौ-अभ्यारण्यों में नियमित पशु चिकित्सा उपलब्ध करवाने और इनका उचित अभिलेख रखने के निर्देश भी सरकार की तरफ से दिए गए। साथ ही प्रदेश की सीमाओं में लगते राज्यों से पशु तस्करी और आवारा पशु छोड़ने के मामलों में पुलिस विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए। इससे पहले कांगड़ा जिला के पशु पालन विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को पोर्टल के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण भी दिया गया।



