‘मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर पद से इस्तीफा दे देना चाहिए’
4 दिसंबर को विधानसभा घेराव की तैयारी तेज, भाजपा मंडल ने सुक्खू सरकार पर साधा निशाना
धर्मशाला
भाजपा मंडल धर्मशाला शहरी की अहम बैठक भाजपा मंडल अध्यक्ष डॉ. विशाल नेहरिया की अध्यक्षता में दाढ़ी स्थित भाजपा कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में 4 दिसंबर को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को लेकर विस्तृत रणनीति तय की गई। इस मौके पर हिमाचल भाजपा के राज्य सचिव एवं जिला कांगड़ा के प्रभारी सुमीत शर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुक्खू सरकार कुशासन का शिकार हो चुकी है। अकुशलता का पर्याय बन चुकी यह सरकार अब पूरी तरह पटरी से उतर गई है।

सुमीत शर्मा ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का नारा देने वाले मुख्यमंत्री आज व्यवस्था का भट्ठा बैठाने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं। प्रदेश में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो चुका है, जिसका जिम्मा सीधा-सीधा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में खुलेआम गोलियां चल रही हैं। माफिया खुलकर फल-फूल रहा है। कांग्रेस नेताओं का संरक्षण जारी है और मुख्यमंत्री स्वयं “मुख्य संरक्षक” बनकर बैठे हैं।
सुमीत शर्मा ने चुनौती दी कि यदि मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो प्रदेश में अवैध हथियारों को बाहर निकालकर दिखाएं और हिमाचल को माफिया मुक्त करके दिखाएं। आज प्रदेशवासी डर के माहौल में जी रहे हैं, काम नहीं कर पा रहे, इसलिए मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिरौती की घटनाएं बढ़ रही हैं, जेल से गिरोह सक्रिय हैं, विकास कार्य ठप हैं और व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर केवल “मित्रों की लूट” चल रही है।
सुमीत शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं बंद हो जाएं तो हिमाचल में एक ईंट भी नहीं लग पाएगी। बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं में जिला अध्यक्ष सचिन शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता राकेश शर्मा, प्रदेश सह–मीडिया प्रभारी विश्व चक्षु, सुनील मनोचा, चंद्र भारद्वाज, राजेश वर्मा, सर्वचंद गलोटिया, शाश्वर कपूर, गायत्री कपूर, शील्लू कपूर, नरेंद्र पठानिया, प्रमोद सुंधु, देशराज पठानिया, तपन मन्हास, आशु बलौरिया, नंदिनी थापा, शेखर राय, डॉ. अश्वनी कौल, शिव चरण सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
4 दिसंबर के घेराव को लेकर भाजपा में उत्साह और आक्रामकता दोनों दिखी, और पार्टी ने संकेत दे दिए कि यह प्रदर्शन हिमाचल सरकार के खिलाफ एक बड़े राजनीतिक संदेश का रूप लेगा।



