राजनीतिराष्ट्रीयहिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री नादानी से बाज आएं और बॉर्डर एरिया में हालात खराब होने से रोकें : जयराम

मुख्यमंत्री को तुरंत पंजाब के मुख्यमंत्री से बात कर समस्या का समाधान निकालना चाहिए

शिमला।

हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर बढ़ रहे विवाद और बवाल पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने चिंता जताते हुआ कहा कि बीते कल जिस प्रकार के हालात बने, वह निश्चित रूप से चिंता का विषय है। ऐसी स्थिति किसी के लिए भी ठीक नहीं है। जयराम ठाकुर ने कहा कि दोनों राज्यों के लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि खासतौर पर बॉर्डर एरिया में हिमाचल और अन्य प्रदेशों के लोग विरोध कर रहे हैं। बीते कल ढाई घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन चलता रहा और करीब 4 घंटे तक पूरा हाईवे जाम रहा। प्रदर्शनकारियों ने आज से हालात और बिगड़ने का अल्टीमेटम भी दे दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बिना सोचे-समझे लिए गए फैसलों के कारण ही ऐसी स्थिति बनी है। इसलिए मुख्यमंत्री को पूरे मामले पर पुनर्विचार करना चाहिए और इसका सौहार्दपूर्ण समाधान निकालना चाहिए।

सभी एंट्री प्वाइंट्स पर हिमाचल के वाहनों को रोकेंगे
जयराम ठाकुर ने कहा कि टूरिज्म सेक्टर से जुड़े लोग भी एंट्री टैक्स का विरोध कर रहे हैं। टैक्सी यूनियन भी इसके खिलाफ है। इसके अलावा पंजाब के लोगों ने भी विरोध जताया है और कहा है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो हिमाचल में पंजाब से लगने वाले सभी एंट्री प्वाइंट्स पर हिमाचल के वाहनों को रोका जाएगा। इससे एक बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है और आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। यह कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर सकता है।

किसानों, बागवानों और सब्जी उत्पादकों पर सीधा असर
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इतना सब कुछ होने के बाद बावजूद मुख्यमंत्री यह कह रहे हैं कि छोटी गाड़ियों के शुल्क में अधिक वृद्धि नहीं हुई है, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है। छोटे वाहनों की एंट्री फीस में लगभग 234 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पहले हिमाचल प्रदेश के यूटिलिटी वाहनों को छूट थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। इसका सीधा असर किसानों, बागवानों और सब्जी उत्पादकों पर पड़ेगा।

यह जिद दोनों राज्यों के बीच तनाव को बढ़ाएगी
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को तुरंत पंजाब के मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए और संवाद के माध्यम से इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए। सरकार के मनमाने फैसलों के कारण हिमाचल और पंजाब के बीच जो हालात बन रहे हैं, वे कतई उचित नहीं हैं। इस प्रकार की जिद दोनों राज्यों के बीच तनाव को बढ़ाएगी, जिसका खामियाजा प्रदेश की आम जनता को भुगतना पड़ेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!