चम्बा में कांग्रेस का ‘राजतिलक’: 5 साल बाद जिला परिषद पर कब्जा, सुक्खू सरकार की नीतियों की बड़ी जीत
विकास के मॉडल पर जनता की मुहर: चम्बा जिला परिषद में कांग्रेस की 'प्रचंड' वापसी, विरोधियों को दी करारी शिकस्त
चम्बा।
हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिला परिषद चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता के गलियारों में अपनी धमक दर्ज कराई है। पांच वर्षों के लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस ने जिला परिषद की सत्ता पर फिर से कब्जा जमा लिया है। इस ऐतिहासिक जीत को न केवल संगठन की एकजुटता, बल्कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के ‘सुख की सरकार’ मॉडल और जनहितैषी नीतियों की जीत माना जा रहा है।
नेताओं की एकजुटता और सटीक रणनीति का दिखा असर
इस चुनावी समर में कांग्रेस की जीत के पीछे शीर्ष नेतृत्व की सुविचारित रणनीति ने अहम भूमिका निभाई। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, पूर्व मंत्री आशा कुमारी और स्थानीय विधायक नीरज नैयर की ‘त्रिमूर्ति’ ने जिस एकजुटता के साथ मैदान संभाला, उसका सकारात्मक परिणाम परिणामों में साफ नजर आया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत शर्मा भरमौरी ने इस सफलता का श्रेय जमीनी कार्यकर्ताओं के समर्पण और जनता के अटूट विश्वास को दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जीत किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि समूचे चम्बा के विकास की जीत है।

सुक्खू सरकार की नीतियों पर जनता ने लगाई मुहर
परिणामों के बाद कांग्रेस खेमे में भारी उत्साह है। जिला अध्यक्ष सुरजीत शर्मा भरमौरी ने कहा कि यह जीत मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा परिणाम है। जनता ने यह साबित कर दिया है कि वे विकास और ईमानदारी की राजनीति के साथ हैं।
विकास की नई इबारत लिखेगी जिला परिषद
पार्टी ने विश्वास दिलाया है कि जिला परिषद में कांग्रेस के सत्तारूढ़ होने से चम्बा के दुर्गम और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। कांग्रेस नेतृत्व का लक्ष्य अब आम जनमानस की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। चम्बा की जनता ने कांग्रेस की नीतियों और विकास के विजन में अपना भरोसा जताया है। हम इस जनादेश का सम्मान करते हैं और पूरी प्रतिबद्धता के साथ चम्बा के चहुंमुखी विकास के लिए काम करेंगे।


