सुधीर शर्मा का कांग्रेस पर करारा पलटवार
संस्कारों पर सवाल उठाने वालों को दिया दोटूक जवाब
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है। अपने एक हालिया बयान को लेकर कांग्रेस के निशाने पर आए धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने अब मोर्चा संभाल लिया है। सुधीर शर्मा ने कांग्रेस के हमलों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि ‘झंड’ शब्द न तो कोई गाली है और न ही असंवैधानिक; यह महज आम बोलचाल की भाषा का हिस्सा है। सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए इस शब्द को तिल का ताड़ बनाया और बेवजह विवाद खड़ा किया।
“मेरे संस्कारों पर सवाल उठाना गलत”
विधायक सुधीर शर्मा ने विरोधियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनके बयान को लेकर जिस तरह से पुतले जलाए गए और व्यक्तिगत टिप्पणियां की गईं, वह निम्न स्तर की राजनीति है। उन्होंने कहा, “मैं शब्दों का चयन बेहद सोच-समझकर करता हूँ। मेरे पास शब्दों का अपना शब्दकोश है और मुझे बखूबी पता है कि कहाँ, क्या और कैसे बोलना है। मेरे लंबे राजनीतिक जीवन में आज तक किसी ने मेरे आचरण पर उंगली नहीं उठाई, ऐसे में मेरे संस्कारों पर सवाल उठाना सर्वथा अनुचित है।”
सुक्खू सरकार में ‘अंदरूनी कलह’ का दावा
कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर हमला बोलते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि दूसरों को नसीहत देने से पहले कांग्रेस नेताओं को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने उनके परिवार और चरित्र को लेकर जो अभद्र टिप्पणियां की थीं, उन्होंने उन पर अब तक संयम बनाए रखा है।
सुधीर शर्मा ने सरकार के भीतर चल रही ‘प्रेशर पॉलिटिक्स’ का भी पर्दाफाश किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के बाद से प्रदेश मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार को लेकर जो बेचैनी दिख रही है, वह सरकार के भीतर गहरे असंतोष का प्रमाण है।
“असमंजस में हैं कांग्रेस के कई नेता”
एक बड़ा दावा करते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के कई दिग्गज नेता आज भी उनके संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के कई विधायक और नेता मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। वे एक ऐसे भंवर में फंसे हैं जहाँ न तो वे खुलकर सरकार का विरोध कर पा रहे हैं और न ही घुटन भरी स्थिति को स्वीकार कर पा रहे हैं।”
जनता का दबाव और कुर्सी बचाने की जद्दोजहद
भाजपा विधायक ने अंत में कहा कि सुक्खू सरकार पर जनता का दबाव लगातार बढ़ रहा है क्योंकि धरातल पर विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने कटाक्ष किया कि कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी केवल अपनी कुर्सी बचाने और मंत्री पद हासिल करने की एक नाकाम कोशिश मात्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोधियों के इन ओछे हथकंडों और बयानों से उन पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।



