भाजपा संघर्ष से नहीं डरती, मुकदमों और दबाव से कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं टूटेगा: जयराम
अधिकारी संविधान और कानून के अनुसार काम करें, राजनीतिक दबाव में काम करने वालों को सचेत रहने की जरूरत
बिलासपुर/ घुमारवीं।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज शुक्रवार को घुमारवीं पहुंचकर लंबे समय से अनशन पर बैठे भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से अनशन समाप्त करने का आग्रह किया और उन्हें जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया है। अनशन समाप्त करना संघर्ष समाप्त करना नहीं है। भाजपा इस विषय को आगे भी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से उठाती रहेगी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संघर्ष से नहीं डरती। भाजपा का इतिहास संघर्ष का इतिहास रहा है। हम न कभी संघर्ष से डरे हैं और न संघर्ष से पीछे हटे हैं। सरकार मुकदमे दर्ज करके, प्रशासनिक दबाव बनाकर या पुलिस तंत्र का दुरुपयोग करके भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं तोड़ सकती।
जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से सचेत करते हुए कहा कि वे किसी राजनीतिक दल या सरकार के दबाव में काम करने के बजाय संविधान, कानून और अपनी शपथ के अनुसार निष्पक्षता से काम करें। जो अधिकारी नियम-कानून के दायरे में रहकर काम करने के बजाय राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि सरकारें स्थायी नहीं होतीं। इस सरकार का भी कोई भविष्य नहीं है, इसलिए इस सरकार के भविष्य के साथ अपना भविष्य न जोड़ें। अपनी जिम्मेदारी संविधान, कानून और अपनी शपथ के प्रति रखें।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार जितना दबाव बनाना चाहती है, बना ले। भाजपा का कार्यकर्ता न डरने वाला है और न झुकने वाला है। हम कानून के दायरे में रहकर संघर्ष करेंगे और जहां कानून का उल्लंघन होगा, वहां आवाज उठाएंगे। अधिकारियों को भी याद रखना चाहिए कि उनकी पहली जिम्मेदारी संविधान और कानून के प्रति है। जयराम ठाकुर ने कहा कि घुमारवीं में भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसलिए अनशन शुरू किया था क्योंकि भाजपा नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया। एक सप्ताह से अधिक समय तक भाजपा कार्यकर्ताओं के अनशन पर बैठने के बावजूद शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं की शिकायत पर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस तत्काल मुकदमे दर्ज कर देती है। एक तरफ भाजपा कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा नेताओं के खिलाफ अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कानून सबके लिए समान होना चाहिए। विपक्ष और सत्ता पक्ष के लिए अलग-अलग कानून और अलग-अलग मापदंड नहीं हो सकते।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पुलिस प्रशासन को संविधान और नियम-कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए। यदि पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम करेगा तो इससे पूरी व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होंगे। भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अपनी शिकायत को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अनशन किया, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार कर रही है। एक ओर सरकार राजनीतिक विरोधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने के लिए मुकदमों और प्रशासनिक दबाव का सहारा ले रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे आपत्तिजनक अभियानों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। सरकार को यह दोहरा मापदंड समाप्त करना चाहिए और कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को मुकदमों से डराने की कोशिश करने वाली सरकार यह भ्रम न पाले कि इससे भाजपा का संघर्ष रुक जाएगा। भाजपा हर उस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी, जहां लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन होगा या कानून के साथ भेदभाव किया जाएगा। भाजपा कानून और संविधान के दायरे में रहकर जनता की आवाज उठाती रहेगी।



