मुख्यमंत्री ने प्रदेश को बर्बादी की दहलीज पर खड़ा कर दिया : राकेश शर्मा
कहा, नए जिलों की बात करना केवल वोट की रणनीति
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा नए जिलों के गठन के लिए आयोग बनाने की चर्चाओं और कवायद पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश शर्मा ने तीखा हमला बोला है। राकेश शर्मा ने कहा कि सीएम सुक्खू पिछले 4 सालों से खजाने खाली होने का रोना रोते आ रहे है। नए जिलों के पुनर्गठन की बात मात्र लोगों को भृमित करना है। मौजूदा समय मे प्रदेश गंभीर वित्तीय संकट और कर्ज से जूझ रहा है। कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को बर्बादी की दहलीज पर खड़ा कर दिया है। प्रदेश में विकास को छोड़ सुक्खू विनाश की डगर पर चले हुए हैं।
राकेश शर्मा ने कहा कि सरकार के पास कर्मचारियों की वेतन और पेंशन देने के पैसे नहीं हैं। ऐसे में नए जिलों की बात करना केवल जनता का ध्यान भटकाने की रणनीति है। मुख्यमंत्री सुक्खू की इस मंशा को 2027 को आने वाले विधानसभा चुनाव में वोटों की फसल काटने के उद्देश्य से लिया गया चुनावी स्टंट करार दिया है।
राकेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार की नई जनविरोधी घोषणाएं अपने व्यक्तिगत राजनैतिक स्वार्थों की पूर्ति करने का प्रयास भर है। इस कोशिश में उन्होंने हिमाचल के पूरे आर्थिक तंत्र को दांव पर लगा दिया है। जिसका खामियाजा प्रदेश और प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
राकेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार जिन झूठी गारंटियों के आधार पर सत्ता में आई थी, वही गारंटियां आज प्रदेश की जनता के दिलों में पीड़ा बन चुकी हैं। 28 लाख महिलाएं 46 महीनों से 1500 रुपए प्रतिमाह की प्रतीक्षा कर रही हैं। 5 लाख युवा रोजगार और सरकारी नौकरियों के इंतजार में आंदोलन करने को मजबूर हैं। किसान, बागवान, कर्मचारी, व्यापारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी सभी कांग्रेस सरकार की नीतियों से परेशान हैं।
राकेश शर्मा ने कहा कि पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव में मिले जनादेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार से पूरी तरह निराश हो चुकी है और 2027 के चुनाव में भी जनता इसका करारा जवाब देगी।



