राजनीतिवीडियोहिमाचल प्रदेश

कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी का विपक्ष पर तीखा हमला: भाजपा पार्षद PM मोदी से लें मर्यादा की सीख

‘जनता ने काम के लिए चुना या हंगामे के लिए?’

धर्मशाला।

हिमाचल प्रदेश की शीतकालीन राजधानी धर्मशाला में इन दिनों उद्घाटन पट्टिकाओं और भाजपा पार्षदों के विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा हाल ही में धर्मशाला में फव्वारा चौक के उद्घाटन के बाद शुरू हुआ विवाद अब और गहराता जा रहा है। स्थानीय विधायक और विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवेंद्र जग्गी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

विपक्ष के उन दावों पर, जिनमें मुख्यमंत्री के उद्घाटन के बाद पुरानी पट्टिका हटाने की बात कही गई है, पर देवेंद्र जग्गी ने कहा कि यह केवल श्रेय लेने की राजनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में विधायक रहते हुए विपक्षी नेताओं ने केवल नाम चमकाने के लिए ‘टोकन अमाउंट’ (सांकेतिक राशि) देकर पट्टिकाएं लगवाई थीं। जग्गी ने चिरान खड्ड के समीप कैंची मोड़ पर प्रस्तावित सेल्फी पॉइंट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां काम से ज्यादा जोर पट्टिका लगवाने पर दिया गया था, जो केवल जनता को गुमराह करने का एक जरिया था।

नगर निगम में हंगामे पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री द्वारा दाड़ी ग्राउंड में प्रधानों और उप-प्रधानों को शपथ दिलाने के बाद, नगर निगम परिसर में भाजपा के नवनिर्वाचित पार्षदों द्वारा किए गए प्रदर्शन को जग्गी ने ‘निंदनीय’ करार दिया। उन्होंने कहा कि जिन पार्षदों को अभी तक पद की शपथ भी नहीं दिलाई गई है, वे अपने काम की शुरुआत नारेबाजी और पुतले जलाने से कर रहे हैं। जिस संस्थान (नगर निगम) में बैठकर उन्हें जनता की सेवा करनी है, वहां पहले ही दिन इस तरह का व्यवहार उनके कथित ‘विजन’ पर सवालिया निशान लगाता है।

‘मुश्किल समय में साथ नहीं देंगे ये नेता’
देवेंद्र जग्गी ने विरोध कर रहे पार्षदों को आगाह करते हुए कहा कि वे किसी के बहकावे में आकर अपनी गरिमा को ताक पर न रखें। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में अभी तक किसी भी नगर निगम में पार्षदों की शपथ नहीं हुई है, ऐसे में धर्मशाला में यह हंगामा बेबुनियाद है। जग्गी ने तंज कसते हुए कहा कि जिस नेता के इशारे पर ये पार्षद आज सड़कों पर हैं, कल कोई कानूनी या प्रशासनिक अड़चन आने पर वह नेता कहीं नजर नहीं आएगा। उन्होंने दावा किया कि कई पार्षद अब दबी जुबान में यह स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हें उकसाकर यह सब करवाया गया है।

मर्यादा को तार-तार कर रहे हैं
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवेंद्र जग्गी ने भाजपा पार्षदों को नसीहत देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा की जिस पार्टी के पार्षदों ने सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, उन्हें अपने ही शीर्ष नेता से सीख लेनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने जब पहली बार संसद में प्रवेश किया था, तो उन्होंने उस लोकतांत्रिक मंदिर की चौखट पर दंडवत प्रणाम किया था। लेकिन अफ़सोस कि आज भाजपा के पार्षद उसी संस्था की मर्यादा को तार-तार कर रहे हैं जहां उन्हें जनता की सेवा के लिए चुना गया है।

राजनीतिक नासमझी
6 से अधिक भाजपा पार्षदों पर दर्ज हुई FIR का जिक्र करते हुए देवेंद्र जग्गी ने तंज कसते हुए कहा कि जिन ‘आकाओं’ और बड़े नेताओं के इशारे पर पार्षदों ने कानून को हाथ में लिया, वे संकट की इस घड़ी में कहीं नजर नहीं आएंगे। जग्गी ने कहा कि यह इतिहास रहा है कि उकसाने वाले नेता कभी मुश्किल समय में साथ नहीं खड़े होते। कुछ पार्षदों का यह कहना कि ‘उन्हें पता नहीं था कि ऐसा हो जाएगा’, उनकी राजनीतिक नासमझी को दर्शाता है।

धर्मशाला की इस सियासी उठापटक ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह टकराव और उग्र होने वाला है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!