राहुल गांधी दूसरों को ज्ञान देने से पहले अपनी पार्टी की ‘महिला विरोधी’ और ‘सामंती’ सोच बदलें: संजय शर्मा
धर्मशाला।
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुए उनके ‘दोहरे चरित्र’ और कांग्रेस की कथित जनविरोधी नीतियों को आड़े हाथों लिया है। भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा ने राहुल गांधी द्वारा पितृसत्ता पर दिए गए बयानों को ढोंग करार देते हुए कहा कि उन्हें दूसरों को उपदेश देने के बजाय अपनी पार्टी के भीतर व्याप्त महिला विरोधी और राष्ट्रगीत विरोधी मानसिकता को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
‘अपनी पार्टी की पितृसत्ता खत्म करें राहुल’
संजय शर्मा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश को ज्ञान बांटने से पहले राहुल गांधी को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर पितृसत्तात्मक और सामंती सोच इस कदर हावी है कि वहां महिला नेतृत्व को केवल वोट बैंक की राजनीति तक सीमित कर दिया गया है। शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी पहले अपनी पार्टी के भीतर फैली इस सामंती मानसिकता को समाप्त करें, फिर दुनिया को पितृसत्ता पर उपदेश दें।
इटली की प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी ‘राष्ट्रीय शर्म’
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के मंच से इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर की गई अमर्यादित टिप्पणियों की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। उन्होंने इसे ‘राष्ट्रीय शर्म’ का विषय बताते हुए कहा कि एक सम्मानित वैश्विक महिला नेता का अनादर करना न केवल अशोभनीय है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की गरिमा को ठेस पहुँचाने जैसा है।
‘वंदे मातरम्’ के अपमान पर घेरा
राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाते हुए संजय शर्मा ने कहा कि जिस गीत ने देश की स्वतंत्रता क्रांति की अलख जगाई थी, उसे गाने में आज कांग्रेस नेता शर्म महसूस करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति के लिए राष्ट्रगीत के गायन में अड़ंगे डालना कांग्रेस की पुरानी और संकुचित मानसिकता को दर्शाता है।
संजय शर्मा ने अंत में स्पष्ट किया कि देश की जनता और नारी शक्ति अब कांग्रेस के इस पाखंड, सांस्कृतिक अनादर और दोहरे मापदंडों को भली-भांति समझ चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि समाज ऐसी नकारात्मक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगा।



