चुनाव में ढिलाई पर मंत्री सख्त, पारदर्शिता के लिए दिए कड़े निर्देश
धर्मशाला
सहकारी समितियों के चुनाव में पारदर्शिता की कमी को लेकर हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। धर्मशाला में वीरवार को हुई जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की महत्वपूर्ण बैठक में मंत्री चंद्र कुमार ने डिप्टी रजिस्ट्रार को-आपरेटिव सोसायटी को सख्त निर्देश दिए कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसे पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जाए।
कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने सहकारी समितियों के चुनावों को लेकर डिप्टी रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं एवं समाहर्ता कांगड़ा राकेश कुमार पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। मंत्री चंद्र कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि चुनाव प्रक्रिया में शिथिलता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने डिप्टी रजिस्ट्रार को-आपरेटिव सोसायटी को चुनाव की एसओपी बनाने और चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाने का सुझाव दिया।
दरअसल, अक्सर यह आरोप लगते रहे हैं कि सहकारी समितियों के चुनाव घर बैठे ही संपन्न हो जाते हैं। इससे एक ही व्यक्ति या गुट लंबे समय से अध्यक्ष व समकक्ष पदों पर काबिज रहता है। ऐसे में ना तो जनकल्याण हो पा रहा है और ना ही समितियां अपेक्षित प्रगति कर पा रही हैं। मंत्री ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारी समितियों की चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना अत्यंत आवश्यक है।
मंत्री ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव की सूचना सभी सदस्यों को कम से कम एक सप्ताह पहले देना अनिवार्य होगा और चुनाव दो तिहाई सदस्यों की उपस्थिति में ही संपन्न कराए जाएं। इसके लिए नियमों, उपनियमों और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में आवश्यक बदलाव करने की भी बात कही।
ऐसे में अब देखना होगा कि आने वाले समय में कृषि मंत्री के इन सख्त निर्देशों के बाद सहकारी समितियों के चुनाव कितने पारदर्शी तरीके से संपन्न होते हैं।



