‘लोगों के घर नहीं उजड़ने चाहिए, अवैध कब्जाधारकों के लिए पॉलिसी बनाए सरकार’
अतुल भारद्वाज ने कहा, प्रदेश के लाखों परिवारों को राहत की दरकार
धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश में दशकों से सरकारी भूमि पर अपना गुजर-बसर कर रहे लाखों परिवारारें की बेचैनी दिनों-दिन बढ़ती जा रही है, लेकिन प्रदेश सरकार अभी तक अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रही कि इन कब्जाधारियों को कोई राहत देनी है या नहीं। यह कहना है सामाजिक कार्यकर्ता अतुल भारद्वाज ने का।
अतुल भारद्वाज ने कहा कि हैरानी की बात है कि प्रदेश सरकार आज दिन तक लोगों किसी भी प्रकार का एक आश्वासन तक नहीं दे पाई है। प्रदेश के लगभग पौने दो लाख परिवार अवैध कब्जाधारी की श्रेणी में आते हैं, और इन परिवारों के सिर से छत उजडऩे का खतरा मंडरा रहा है। इस गंभीर मसले को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पॉलिसी नहीं बनाई गई है, जिससे इन परिवारों को राहत मिल सके। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द निकाले, ताकि इन परिवारों को न्याय मिल सके।
अतुल भारद्वाज ने कहा कि इनमें अधिकतर कब्जे कई दशकों पुराने हैं। प्रदेश सरकार की चुप्पी से इन परिवारों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यह परिवार अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से निराशा ही मिल रही है। सरकार को लाखों परिवारों की पीड़ा समझनी चाहिए। इन परिवारों को न तो किसी तरह का आश्वासन मिल रहा है और न ही सरकार कोई पॉलिसी बना रही है, जिससे उनके भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
भारद्वाज ने सरकार से मांग की कि वह इस गंभीर मुद्दे को सुलझाने के लिए एक स्पष्ट पॉलिसी लाए, ताकि इन परिवारों की परेशानियों का समाधान हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को एक साफ और पारदर्शी नीति बनाने की जरूरत है, जिसमें यह तय हो कि किन परिस्थितियों में कब्जाधारी को स्थाई रूप से बसने की अनुमति दी जा सकती है और किन मामलों में उनका पुनर्वास किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश के लोग अब सरकार से ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं। अवैध कब्जाधारियों के लिए एक स्थायी समाधान और नीति निर्माण की दिशा में सरकार का रुख बहुत महत्वपूर्ण होगा।
घर न उजड़े इसका ख्याल रखे सरकार
अतुल भारद्वाज ने कहा कि वह अवैध कब्जा की प्रथा को बढ़ावा देने के पक्षधर नहीं हैं, लेकिन वह चाहते हैं कि अगर किसी परिवार का घर सरकारी भूमि पर बना है तो उसे न उजाड़ा जाए। इसके बदले प्रदेश सरकार पेनल्टी आदि भी लगा सकती है और जो खाली जमीन है उसे छुड़वा सकती है, लेकिन किसी परिवार का घर नहीं उजडऩा चाहिए, लोगों को प्रदेश सरकार से इतनी से उम्मीद है।
विधानसभाा सत्र के दौरान सीएम से मिलेंगे प्रभावित परिवार अतुल भारद्वाज ने कहा कि धर्मशाला के तपोवन में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रभावित परिवार सीएम सुक्खू से मिलकर अपनी समस्या से अवगत करवाएंगे और हमें पूरी उम्मीद है कि प्रदेश सरकार लाखों परिवारों को ना उम्मीद नहीं करेगी।



