विजिलेंस कार्रवाई पर भड़की भाजपा: ‘सुधीर शर्मा का अपमान, धर्मशाला की जनता का अपमान’
सुधीर शर्मा के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब: धर्मशाला भाजपा ने सुक्खू सरकार को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
शिमला।
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इन दिनों ‘फायर ब्रांड’ भाजपा नेता और धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस द्वारा सुधीर शर्मा को बार-बार पूछताछ के लिए शिमला बुलाए जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता में गहरा आक्रोश है। शिमला के खलीणी स्थित विजिलेंस मुख्यालय के बाहर उमड़े समर्थकों के भारी हुजूम के बाद अब धर्मशाला भाजपा ने भी प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
जनप्रतिनिधि के अपमान पर कड़ा रुख
धर्मशाला मंडल भाजपा ने प्रदेश सरकार की इस कार्रवाई को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया है। मंडल अध्यक्ष एडवोकेट भुवनेश चौधरी और महामंत्री शुभम सूद सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि सुधीर शर्मा को बार-बार तलब करना उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की एक सोची-समझी साजिश है। भाजपा नेताओं का तर्क है कि एक चुने हुए जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल सुधीर शर्मा का, बल्कि धर्मशाला की पूरी जनता का अपमान है।
‘सवालों से घबराकर दबाई जा रही आवाज’
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सुधीर शर्मा द्वारा जनहित में उठाए जा रहे तीखे सवालों और उनकी बढ़ती लोकप्रियता से बुरी तरह बौखला गई है। भाजपा नेताओं के अनुसार सुधीर शर्मा ने धर्मशाला को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने और क्षेत्र में बड़े विकास प्रोजेक्ट लाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। सरकार राजनीतिक तौर पर उनका मुकाबला करने में अक्षम है, इसलिए जांच एजेंसियों का सहारा लेकर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
धर्मशाला भाजपा ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सुधीर शर्मा के खिलाफ दमनकारी नीति और उन्हें परेशान करने का सिलसिला बंद नहीं हुआ, तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी। पार्टी ने आने वाले दिनों में प्रदेशव्यापी जन-आंदोलन छेड़ने का संकेत दिया है। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का जवाब राजनीतिक तरीके से दिया जाना चाहिए, न कि एजेंसियों के दुरुपयोग से। हिमाचल की जनता इस राजनीतिक बदले की भावना को देख रही है और वक्त आने पर इसका करारा जवाब देगी।



