महा रक्तदान ने रचा इतिहास, 722 का रिकॉर्ड दर्ज
विधायक सुधीर शर्मा का दावा, हिमाचल प्रदेश में पहली बार इतना बड़ा रक्तदान शिविर आयोजित
धर्मशाला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर आज बुधवार को धर्मशाला में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सेवा मेरा योगदान के तहत आयोजित महा रक्तदान शिविर ने हिमाचल प्रदेश में एक नया इतिहास रच दिया है। शिविर में 722 लोगों ने रक्तदान किया। सूत्रों का कहना है कि इससे पहले कांगड़ा जिला अंतर्गत नूरपुर में आयोजित रक्तदान शिविर में करीब 602 लोगों ने रक्तदान किया था। इसलिए हिमाचल प्रदेश के रिकॉर्ड में एक दिन में 722 लोगों की ओर से रक्तदान करना एक रिकॉर्ड है।
नवजीवन ट्रस्ट की अध्यक्ष शकुन ने बताया कि ट्रस्ट की ओर से आयोजित महा रक्तदान शिविर में पूर्व मंत्री और धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। युवाओं के इस भारी उत्साह के बीच सुधीर शर्मा ने जहां एक ओर रक्तदान को मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताया, वहीं दूसरी ओर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मतदाता सूचियों में दर्ज फर्जी और अवैध नागरिकों के नामों की कड़ी जांच की पुरजोर वकालत की।
नवजीवन ट्रस्ट की अध्यक्ष शकुन ने बताया कि रक्तदान के लिए करीब 1000 लोगों ने अपना पंजीकरण करवाया था और शिविर की समाप्ति तक 722 यूनिट रक्त एकत्रित कर प्रदेश का सबसे बड़ा रिकॉर्ड कायम किया गया। सुबह से ही भारी संख्या में युवाओं का रक्तदान करने के लिए पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। लोगों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए सुबह 9:30 बजे से शाम 5 बजे तक का समय निर्धारित किया गया था। शिविर में तीन अस्पतालों की मेडिकल टीमों ने अपनी सेवाएं दीं।
मानवता की सेवा और बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड
शिविर का शुभारंभ करने के बाद सुधीर शर्मा ने कहा कि 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ शुरू हुआ जनसेवा का यह सफर अब 25 वर्ष पूरे कर चुका है। इसी ऐतिहासिक मौके पर आयोजित इस शिविर में युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। सुधीर शर्मा ने इस सफलता पर कहा कि रक्त किसी भी जाति या क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर जीवन बचाता है और लोगों को एक सूत्र में पिरोता है।



