पार्षद का नगर निगम को खुला अल्टीमेटम, ‘सात दिन में सुधरो वरना दफ्तर का करेंगे घेराव’
पार्षद प्रवीण प्रकाश का आरोप: सत्ता के नशे में चूर नगर निगम धर्मशाला? 'जनता पस्त, अफसरशाही और नेता मस्त'
धर्मशाला।
नगर निगम धर्मशाला की नई नवेली सत्ता की पोल महज कुछ महीनों में ही खुलती नजर आ रही है। 29 जून 2026 को नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण के बाद जुलाई में पहली बैठक क्या हुई, मानो नगर निगम के ‘शाहों’ और प्रशासनिक तंत्र ने अपनी जिम्मेदारी ही भुला दी। अगस्त और सितंबर का महीना बीत गया, लेकिन नगर निगम की एक भी जनरल हाउस की बैठक करने की जहमत तक नहीं उठाई गई। जनता सवाल पूछ रही है कि क्या निगम के नुमाइंदों का काम सिर्फ चुनाव जीतकर कुर्सी तोड़ना रह गया है? यह आरोप आज नगर निगम धर्मशाला के वार्ड 15 के पार्षद प्रवीण प्रकाश ने लगाए हैं।
पार्षद प्रवीण प्रकाश की ओर से आज बुधवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जारी किए गए प्रेस बयान के धर्मशाला की राजनीति में भूचाल आ गया है। प्रवीण प्रकाश का कहना है कि निगम की इस जनविरोधी कार्यप्रणाली पर राजनीतिक गलियारों में कड़ा आक्रोश पनप रहा है। धर्मशाला के 17 वार्डों की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है, लेकिन बैठकों के अभाव में शहर का विकास पूरी तरह ठप पड़ा है।
प्रवीण प्रकाश का आरोप है कि जब नगर निगम में बैठकें ही नहीं होंगी तो वार्डों की समस्याओं पर मंथन और विकास कार्यों के बजट पर फैसला कैसे होगा? अब तक न वार्ड सभाओं का आयोजन हुआ और न ही वार्ड समितियों का गठन। प्रवीण प्रकाश का तो यहां तक कहना है कि छोटे व्यापारियों और वेंडर्स के मुद्दे ठंडे बस्ते में डाल दिए गए हैं। ऐसे में निगम की इस सुस्ती से साफ है कि जनहित की फाइलें अब प्रशासनिक कमरों में धूल फांक रही हैं।
प्रवीण प्रकाश का कहना है कि नगर निगम के दावों का ढोल वार्ड नंबर 15 खनियारा में पूरी तरह से फूट जाता है। पंचायत काल में बने सार्वजनिक शौचालयों की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि वहां जाने से भी लोग कतराते हैं। कई शौचालयों के दरवाजे टूटे पड़े हैं, तो कहीं पानी की बूंद तक नसीब नहीं हो रही। खुले में असुविधा का सामना कर रही महिलाओं के स्वाभिमान की चिंता न तो निगम के अधिकारियों को है और न ही सत्ता में बैठे प्रतिनिधियों को। पूरे वार्ड की स्ट्रीट लाइटें बंद हैं तो सड़कें अंधेरे में डूबी हैं। जनता लगातार अधिकारियों के चक्कर काट-काट कर थक चुकी है, लेकिन निगम के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
ऐसे में पार्षद प्रवीण प्रकाश ने कहा कि नगर निगम प्रशासन तुरंत जनरल हाउस की बैठक बुलाए, वार्ड समितियों का गठन करे और खनियारा सहित सभी वार्डों में शौचालयों व स्ट्रीट लाइटों जैसी समस्याओं को प्राथमिकता पर ठीक करे। यदि एक सप्ताह के भीतर जनसमस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो नगर निगम कार्यालय का उग्र घेराव किया जाएगा। और इसकी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी।
जब इस संबंध में हमने नगर निगम के मेयर शमशेर नैहरिया से आज देर शाम बात की तो उन्होंने कहा कि नगर निगम धर्मशाला का जनरल हाउस 19 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है और इस संबंध में सभी पार्षदों को सूचित भी किया गया है। जनरल हाउस करने का निर्णय चार दिन पहले ही लिया गया। जब हमने पार्षद प्रवीण प्रकाश के आरोप वार्ड सभाओं के संबंध में जानना चाहा तो मेयर शमशेर नैहरिया ने कहा कि यह कार्य पार्षदों का है। वार्ड में क्या समस्याएं हैं इस संबंध में पार्षद ही अधिकारियों को बताएंगे।



